मिथिला पेंटिंग, मधुबनी कला, गठबंधन समारोह, विवाह अनुष्ठान, पुष्प आकृतियाँ, लोक कला बिहार
मिथिला पेंटिंग, मधुबनी कला, गठबंधन समारोह, विवाह अनुष्ठान, पुष्प आकृतियाँ, लोक कला बिहार

हमरा अँगना मे उगि गेलइ चान

हमरा अँगना मे उगि गेलइ चान

मिथिला पेंटिंग, मधुबनी कला, गठबंधन समारोह, विवाह अनुष्ठान, पुष्प आकृतियाँ, लोक कला बिहार
मिथिला पेंटिंग, मधुबनी कला, गठबंधन समारोह, विवाह अनुष्ठान, पुष्प आकृतियाँ, लोक कला बिहार

गीत के बोल

हमरा अँगना मे उगि गेलइ चान,
तखन परबाहे की ! –
हमरा अँगना मे उगि गेलइ चान,
तखन परबाहे की !
जखन रामजी हमर मेहमान,
तखन परबाहे की !

हम सभ छी मिथिला के बासी - 2
राघब भेला मेहमान,
तखन परबाहे की !
जखन राघब भेला मेहमान,
तखन परबाहे की !

स्नेहलता निर्भय रहू हरदम - 2
हुनके हेतनि गठबान्ह,
तखन परबाहे की !
जखन हुनके हेतनि गठबान्ह,
तखन परबाहे की !

स्नेहलता निर्भय रहू हरदम - 2
सिया-पिया पग लपटाए,
तखन परबाहे की !
जखन सिया-पिया पग लपटाए,
तखन परबाहे की !
हमरा अँगना मे उगि गेलइ चान,
तखन परबाहे की - 3


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चलु देखु भरि नयना

रजनी-पल्लवी

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चलु देखु भरि नयना

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प्रिय पाहुन सिन्दूर दान करू

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हम धनमा कुटैबइ एहि बड़बा सँ

रजनी-पल्लवी

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रजनी-पल्लवी

wedding scene, ram sita wedding, sacred fire, mithila motifs

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विभा झा

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डॉ. प्रेमलता मिश्रा

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डॉ. प्रेमलता मिश्रा

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परिछनि चलियौ सखी

विभा झा

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चितचोरबा आइ बन्हौलनि हे

विभा झा

बुज़ुर्ग महिलाएं जोड़े को आशीर्वाद दे रही हैं -चुमा án विधि

सुनू सखिया हे

विभा झा

शादी, कोहबर, दुल्हन

चलु गौरी पूजन फुलवारी

कंचन झा

पालकी, दुल्हन की विदाई को दर्शाती प्रतीकात्मक छवि

बाबा के अँगना

विभा झा

दो लड़कियाँ एक दुपट्टे से ढकी बैठी हैं, मिथिला चित्रकला

यौ दुल्हा चिन्ही लियौ

विभा झा

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बेरी-बेरी बरजहुँ

डॉ. प्रेमलता मिश्रा

शादी की पार्टी में पारंपरिक शैली में जमीन पर भोजन करते हुए, महिलाएं किनारे पर खड़ी होकर गा रही हैं

समधि के हम गारि नइ दैय छी

डॉ. प्रेमलता मिश्रा

पारंपरिक कोहबर घर डिज़ाइन

घर पछुअरबामे

विभा झा

दुल्हन के परिवार की महिलाएँ सजे हुए डाला के साथ दूल्हे का स्वागत कर रही हैं

परिछी कोई ले रे

कंचन झा

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