

मेही भात जतन भनसिआ
मेही भात जतन भनसिआ
मेही भात जतन भनसिआ


गीत के बोल
मेही भात जतन भनसिआ साँठि देलनि भरि थारी जी – 2
रहड़ी के दालि बट्टा भरि उत्तम ताहि देलनि घृत ढारि जी ।
ओल पड़ोर बड़ी बर बर तरह-तरह तरकारी जी ।
महिसिक दही छाँछ भरि उत्तम परसथु सरहोज पिआरी जी ।
खिड़की के ओते-ओते सासु जे देखथि मन दाइ जेमथु जमाइ जी ।
पूरे बोल देखें
गीत के बोल
मेही भात जतन भनसिआ साँठि देलनि भरि थारी जी – 2
रहड़ी के दालि बट्टा भरि उत्तम ताहि देलनि घृत ढारि जी ।
ओल पड़ोर बड़ी बर बर तरह-तरह तरकारी जी ।
महिसिक दही छाँछ भरि उत्तम परसथु सरहोज पिआरी जी ।
खिड़की के ओते-ओते सासु जे देखथि मन दाइ जेमथु जमाइ जी ।
पूरे बोल देखें
गीत के बोल
मेही भात जतन भनसिआ साँठि देलनि भरि थारी जी – 2
रहड़ी के दालि बट्टा भरि उत्तम ताहि देलनि घृत ढारि जी ।
ओल पड़ोर बड़ी बर बर तरह-तरह तरकारी जी ।
महिसिक दही छाँछ भरि उत्तम परसथु सरहोज पिआरी जी ।
खिड़की के ओते-ओते सासु जे देखथि मन दाइ जेमथु जमाइ जी ।
पूरे बोल देखें
गाने का विवरण
उचति विवाह के समय गाया जाने वाला शिष्टाचार गीत है, जिसमें आए हुए अतिथियों का आदरपूर्वक स्वागत किया जाता है। स्त्रियाँ अपनी विनम्रता व्यक्त करते हुए अतिथि की महत्ता और सम्मान को भी उजागर करती हैं तथा उन्हें अधिक भोजन ग्रहण करने का आग्रह करती हैं। यह गीत दामाद को भोजन परोसते समय गाया जा रहा है। इसमें भोज का विस्तार से वर्णन है—उत्तम चावल और अरहर की दाल में घी डालकर, उनके साथ अनेक सब्जियाँ और भैंस के दूध की दही परोसी गई है। खिड़की की ओट से सास स्नेहपूर्वक दामाद को भरपेट खाने का अनुरोध करती हैं। यह गीत ससुराल में दामाद को दी जाने वाली मेहमाननवाज़ी और आत्मीयता को सुंदर रूप से दर्शाता है।
के और गाने
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

ऊँचा रे झरोखा
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

ऊँचा रे झरोखा
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

ऊँचा रे झरोखा
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

प्रथम मास आषाढ़
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

प्रथम मास आषाढ़
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

प्रथम मास आषाढ़
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

हे उद्धो बड़ा रे चतुर
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

हे उद्धो बड़ा रे चतुर
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

हे उद्धो बड़ा रे चतुर
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

धीया बिनु सूना
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

धीया बिनु सूना
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

धीया बिनु सूना
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

मेही भात जतन भनसिआ
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

मेही भात जतन भनसिआ
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

मेही भात जतन भनसिआ
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

जाहि घर आहो बाबा
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

जाहि घर आहो बाबा
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

जाहि घर आहो बाबा
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

जुनि करू राम वियोग
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

जुनि करू राम वियोग
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

जुनि करू राम वियोग
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

हम ने जियब बिनु राम
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

हम ने जियब बिनु राम
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

हम ने जियब बिनु राम
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

सखिया सावन में डर लागे
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

सखिया सावन में डर लागे
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

सखिया सावन में डर लागे
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

पानहि शन धनी पातरी
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

पानहि शन धनी पातरी
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

पानहि शन धनी पातरी
डॉ. प्रेमलता मिश्रा
ऐसी और गाने
मेही भात जतन भनसिआ

एहन सुन्दर मिथिला धाम
विभा झा

एहन सुन्दर मिथिला धाम
विभा झा

एहन सुन्दर मिथिला धाम
विभा झा

गीतिया मे चित्तिया
डॉ. रानी झा

गीतिया मे चित्तिया
डॉ. रानी झा

गीतिया मे चित्तिया
डॉ. रानी झा

आजु सोभा जनक मन्दिर
डॉ. रानी झा

आजु सोभा जनक मन्दिर
डॉ. रानी झा

आजु सोभा जनक मन्दिर
डॉ. रानी झा

जौ हम जनितहुँ
डॉ. रानी झा

जौ हम जनितहुँ
डॉ. रानी झा

जौ हम जनितहुँ
डॉ. रानी झा

धन दुल्हा रामचन्द्र धन मोरी सीता
डॉ. रानी झा

धन दुल्हा रामचन्द्र धन मोरी सीता
डॉ. रानी झा

धन दुल्हा रामचन्द्र धन मोरी सीता
डॉ. रानी झा

सुतल छलीयै बाबा के भवनबा मे
विभा झा

सुतल छलीयै बाबा के भवनबा मे
विभा झा

सुतल छलीयै बाबा के भवनबा मे
विभा झा

बरसा बरसे रे सबरिया
कंचन झा

बरसा बरसे रे सबरिया
कंचन झा

बरसा बरसे रे सबरिया
कंचन झा

गौरी पुजू जानकी जनक भवन मे
विभा झा

गौरी पुजू जानकी जनक भवन मे
विभा झा

गौरी पुजू जानकी जनक भवन मे
विभा झा

ऊँचा रे झरोखा
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

ऊँचा रे झरोखा
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

ऊँचा रे झरोखा
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

धीया बिनु सूना
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

धीया बिनु सूना
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

धीया बिनु सूना
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

जाहि घर आहो बाबा
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

जाहि घर आहो बाबा
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

जाहि घर आहो बाबा
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

परिछनि चलियौ सखी
विभा झा

परिछनि चलियौ सखी
विभा झा

परिछनि चलियौ सखी
विभा झा

चितचोरबा आइ बन्हौलनि हे
विभा झा

चितचोरबा आइ बन्हौलनि हे
विभा झा

चितचोरबा आइ बन्हौलनि हे
विभा झा

सुनू सखिया हे
विभा झा

सुनू सखिया हे
विभा झा

सुनू सखिया हे
विभा झा

चलु गौरी पूजन फुलवारी
कंचन झा

चलु गौरी पूजन फुलवारी
कंचन झा

चलु गौरी पूजन फुलवारी
कंचन झा

बाबा के अँगना
विभा झा

बाबा के अँगना
विभा झा

बाबा के अँगना
विभा झा

यौ दुल्हा चिन्ही लियौ
विभा झा

यौ दुल्हा चिन्ही लियौ
विभा झा

यौ दुल्हा चिन्ही लियौ
विभा झा

बेरी-बेरी बरजहुँ
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

बेरी-बेरी बरजहुँ
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

बेरी-बेरी बरजहुँ
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

समधि के हम गारि नइ दैय छी
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

समधि के हम गारि नइ दैय छी
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

समधि के हम गारि नइ दैय छी
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

घर पछुअरबामे
विभा झा

घर पछुअरबामे
विभा झा

घर पछुअरबामे
विभा झा

परिछी कोई ले रे
कंचन झा

परिछी कोई ले रे
कंचन झा

परिछी कोई ले रे
कंचन झा
कॉपीराइट © Khamaaj Foundation
सर्वाधिकार सुरक्षित
नियम और शर्तें | गोपनीयता नीति
विकसित और डिज़ाइन किया गया
डोपसोल स्टूडियो
कॉपीराइट © Khamaaj Foundation | सर्वाधिकार सुरक्षित
नियम और शर्तें | गोपनीयता नीति
विकसित और डिज़ाइन किया गया डोपसोल स्टूडियो
कॉपीराइट © Khamaaj Foundation | सर्वाधिकार सुरक्षित
नियम और शर्तें | गोपनीयता नीति
विकसित और डिज़ाइन किया गया डोपसोल स्टूडियो

