राम सीता विवाह, कोहबर घर
राम सीता विवाह, कोहबर घर
राम सीता विवाह, कोहबर घर

मिथिला में विवाह सबसे जीवंत और हर्षोल्लास से भरा संस्कार है। मिथिला में इसकी शुरुआत सिद्धांत से होती है जब वर और कन्या पक्ष मिलकर विवाह की तिथि और शर्तें तय करते हैं, और द्विरागमन पर पूर्ण होती है—जब वधू पहली बार ससुराल जाती है।

आज भी विवाह पारंपरिक रीति से मनाया जाता है। परिछन, कोहबर, डहकन और समदौन जैसे अनेक गीत गाए जाते हैं, जबकि कोजगरा और मधुश्रावणी जैसे पर्व विवाह के पहले वर्ष को और भी उल्लासपूर्ण बना देते हैं।

मिथिला में विवाह सबसे जीवंत और हर्षोल्लास से भरा संस्कार है। मिथिला में इसकी शुरुआत सिद्धांत से होती है जब वर और कन्या पक्ष मिलकर विवाह की तिथि और शर्तें तय करते हैं, और द्विरागमन पर पूर्ण होती है—जब वधू पहली बार ससुराल जाती है।

आज भी विवाह पारंपरिक रीति से मनाया जाता है। परिछन, कोहबर, डहकन और समदौन जैसे अनेक गीत गाए जाते हैं, जबकि कोजगरा और मधुश्रावणी जैसे पर्व विवाह के पहले वर्ष को और भी उल्लासपूर्ण बना देते हैं।

गीतों में

विवाह

मिथिला शादी

एहन सुन्दर मिथिला धाम

विभा झा

मिथिला शादी

एहन सुन्दर मिथिला धाम

विभा झा

मिथिला शादी

एहन सुन्दर मिथिला धाम

विभा झा

पक्षी, पेड़

गीतिया मे चित्तिया

डॉ. रानी झा

पक्षी, पेड़

गीतिया मे चित्तिया

डॉ. रानी झा

पक्षी, पेड़

गीतिया मे चित्तिया

डॉ. रानी झा

मधुबनी पेंटिंग प्रेरित कला

आजु सोभा जनक मन्दिर

डॉ. रानी झा

मधुबनी पेंटिंग प्रेरित कला

आजु सोभा जनक मन्दिर

डॉ. रानी झा

मधुबनी पेंटिंग प्रेरित कला

आजु सोभा जनक मन्दिर

डॉ. रानी झा

दुल्हन के ससुराल जाने का प्रतीकात्मक चित्रण - डोली, दीपक और आलता पैर

जौ हम जनित‌हुँ

डॉ. रानी झा

दुल्हन के ससुराल जाने का प्रतीकात्मक चित्रण - डोली, दीपक और आलता पैर

जौ हम जनित‌हुँ

डॉ. रानी झा

दुल्हन के ससुराल जाने का प्रतीकात्मक चित्रण - डोली, दीपक और आलता पैर

जौ हम जनित‌हुँ

डॉ. रानी झा

भारतीय महिला शाम को दिया जलाते हुए

साँझ भइ घर दिअरा जरी रे

डॉ. रानी झा

भारतीय महिला शाम को दिया जलाते हुए

साँझ भइ घर दिअरा जरी रे

डॉ. रानी झा

भारतीय महिला शाम को दिया जलाते हुए

साँझ भइ घर दिअरा जरी रे

डॉ. रानी झा

अहीबात (दिया) इन कलश

धन दुल्हा रामचन्द्र धन मोरी सीता

डॉ. रानी झा

अहीबात (दिया) इन कलश

धन दुल्हा रामचन्द्र धन मोरी सीता

डॉ. रानी झा

अहीबात (दिया) इन कलश

धन दुल्हा रामचन्द्र धन मोरी सीता

डॉ. रानी झा

दुल्हन की विदाई, पालकी और कहार

सुतल छलीयै बाबा के भवनबा मे

विभा झा

दुल्हन की विदाई, पालकी और कहार

सुतल छलीयै बाबा के भवनबा मे

विभा झा

दुल्हन की विदाई, पालकी और कहार

सुतल छलीयै बाबा के भवनबा मे

विभा झा

एक जीवंत मिथिला विवाह - दुल्हन और उसकी सहेलियाँ - पुष्प और लोक आकृतियाँ

बरसा बरसे रे सबरिया

कंचन झा

एक जीवंत मिथिला विवाह - दुल्हन और उसकी सहेलियाँ - पुष्प और लोक आकृतियाँ

बरसा बरसे रे सबरिया

कंचन झा

एक जीवंत मिथिला विवाह - दुल्हन और उसकी सहेलियाँ - पुष्प और लोक आकृतियाँ

बरसा बरसे रे सबरिया

कंचन झा

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