





गीत के बोल
आ रे गीतिया मे चित्तिया,
लगओले रे जोगिया - 2
प्रीत छोड़ौने चलि जाइ,
आ रे जखन जमइया लाल,
घर सँ बाहर भेल - 2
सासु मुख पड़ल उदास,
आ रे एहन जमइया लाल के,
जाहियो नै दितहुँ,
जाइयो नै दितहुँ,
रखितहुँ हृदय लगाइ ।
आ रे जखन जमइया लाल,
आँगन सँ बाहर भेल - 2
सरहोजि मुख पड़ल उदास ।
आ रे एहन ननदोसिया के,
जाइयो नै दितहुँ - 2
रखितहुँ पान खुआइ ।
आ रे जखन जमइया लाल,
आँगन सँ बाहर भेल,
ड्योढ़ी सँ बाहर भेल,
धिया मोन पड़ल उदास ।
आ रे एहन निर्मोहिया संगे,
प्रीतो नै जोड़ितहुँ - 2
प्रीत छोड़ौने चलि जाइ ।
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गीत के बोल
आ रे गीतिया मे चित्तिया,
लगओले रे जोगिया - 2
प्रीत छोड़ौने चलि जाइ,
आ रे जखन जमइया लाल,
घर सँ बाहर भेल - 2
सासु मुख पड़ल उदास,
आ रे एहन जमइया लाल के,
जाहियो नै दितहुँ,
जाइयो नै दितहुँ,
रखितहुँ हृदय लगाइ ।
आ रे जखन जमइया लाल,
आँगन सँ बाहर भेल - 2
सरहोजि मुख पड़ल उदास ।
आ रे एहन ननदोसिया के,
जाइयो नै दितहुँ - 2
रखितहुँ पान खुआइ ।
आ रे जखन जमइया लाल,
आँगन सँ बाहर भेल,
ड्योढ़ी सँ बाहर भेल,
धिया मोन पड़ल उदास ।
आ रे एहन निर्मोहिया संगे,
प्रीतो नै जोड़ितहुँ - 2
प्रीत छोड़ौने चलि जाइ ।
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गीत के बोल
आ रे गीतिया मे चित्तिया,
लगओले रे जोगिया - 2
प्रीत छोड़ौने चलि जाइ,
आ रे जखन जमइया लाल,
घर सँ बाहर भेल - 2
सासु मुख पड़ल उदास,
आ रे एहन जमइया लाल के,
जाहियो नै दितहुँ,
जाइयो नै दितहुँ,
रखितहुँ हृदय लगाइ ।
आ रे जखन जमइया लाल,
आँगन सँ बाहर भेल - 2
सरहोजि मुख पड़ल उदास ।
आ रे एहन ननदोसिया के,
जाइयो नै दितहुँ - 2
रखितहुँ पान खुआइ ।
आ रे जखन जमइया लाल,
आँगन सँ बाहर भेल,
ड्योढ़ी सँ बाहर भेल,
धिया मोन पड़ल उदास ।
आ रे एहन निर्मोहिया संगे,
प्रीतो नै जोड़ितहुँ - 2
प्रीत छोड़ौने चलि जाइ ।
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गाने का विवरण
मिथिला में उदासी गीत उस समय गाए जाते हैं जब दूल्हा अपने ससुराल से विदा लेता है। विवाह के बाद वधू तुरंत मायके से विदा नहीं होती, बल्कि दूल्हा कुछ दिन ससुराल में रहकर अपने सास–ससुर, साले–ननद और अन्य परिजनों से आत्मीय संबंध बना लेता है। जब उसके प्रस्थान का क्षण आता है तो घर का हर मन भारी हो उठता है और यह करुण रस से भरे गीत उस सामूहिक वेदना का स्वाभाविक स्वर बन जाते हैं। यह विशेष गीत दूल्हे के प्रस्थान से उत्पन्न घर-परिवार के हर सदस्य की व्यथा और उससे उबरने के उनके कोमल प्रयासों का भावपूर्ण चित्रण करता है। स्वयं वधू कहती है कि काश उसने इस निर्मोही से प्रेम ही न किया होता, तो बिछोह का यह क्षण सहना आसान होता।
के और गाने
डॉ. रानी झा

पहिल सपन देवकी देखली
डॉ. रानी झा

पहिल सपन देवकी देखली
डॉ. रानी झा

पहिल सपन देवकी देखली
डॉ. रानी झा

गीतिया मे चित्तिया
डॉ. रानी झा

गीतिया मे चित्तिया
डॉ. रानी झा

गीतिया मे चित्तिया
डॉ. रानी झा

कमल नयन मन मोहन रे
डॉ. रानी झा

कमल नयन मन मोहन रे
डॉ. रानी झा

कमल नयन मन मोहन रे
डॉ. रानी झा

आजु सोभा जनक मन्दिर
डॉ. रानी झा

आजु सोभा जनक मन्दिर
डॉ. रानी झा

आजु सोभा जनक मन्दिर
डॉ. रानी झा

जपत मन आनन्द
डॉ. रानी झा

जपत मन आनन्द
डॉ. रानी झा

जपत मन आनन्द
डॉ. रानी झा

जौ हम जनितहुँ
डॉ. रानी झा

जौ हम जनितहुँ
डॉ. रानी झा

जौ हम जनितहुँ
डॉ. रानी झा

साँझ भइ घर दिअरा जरी रे
डॉ. रानी झा

साँझ भइ घर दिअरा जरी रे
डॉ. रानी झा

साँझ भइ घर दिअरा जरी रे
डॉ. रानी झा

कोने बाबा घर साँझ
डॉ. रानी झा

कोने बाबा घर साँझ
डॉ. रानी झा

कोने बाबा घर साँझ
डॉ. रानी झा

सखी हे साँझ भयओ
डॉ. रानी झा

सखी हे साँझ भयओ
डॉ. रानी झा

सखी हे साँझ भयओ
डॉ. रानी झा

कमल नयन परदेश हे भामिनी
डॉ. रानी झा

कमल नयन परदेश हे भामिनी
डॉ. रानी झा

कमल नयन परदेश हे भामिनी
डॉ. रानी झा
ऐसी और गाने
गीतिया मे चित्तिया

एहन सुन्दर मिथिला धाम
विभा झा

एहन सुन्दर मिथिला धाम
विभा झा

एहन सुन्दर मिथिला धाम
विभा झा

आजु सोभा जनक मन्दिर
डॉ. रानी झा

आजु सोभा जनक मन्दिर
डॉ. रानी झा

आजु सोभा जनक मन्दिर
डॉ. रानी झा

जौ हम जनितहुँ
डॉ. रानी झा

जौ हम जनितहुँ
डॉ. रानी झा

जौ हम जनितहुँ
डॉ. रानी झा

धन दुल्हा रामचन्द्र धन मोरी सीता
डॉ. रानी झा

धन दुल्हा रामचन्द्र धन मोरी सीता
डॉ. रानी झा

धन दुल्हा रामचन्द्र धन मोरी सीता
डॉ. रानी झा

सुतल छलीयै बाबा के भवनबा मे
विभा झा

सुतल छलीयै बाबा के भवनबा मे
विभा झा

सुतल छलीयै बाबा के भवनबा मे
विभा झा

बरसा बरसे रे सबरिया
कंचन झा

बरसा बरसे रे सबरिया
कंचन झा

बरसा बरसे रे सबरिया
कंचन झा

गौरी पुजू जानकी जनक भवन मे
विभा झा

गौरी पुजू जानकी जनक भवन मे
विभा झा

गौरी पुजू जानकी जनक भवन मे
विभा झा

ऊँचा रे झरोखा
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

ऊँचा रे झरोखा
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

ऊँचा रे झरोखा
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

धीया बिनु सूना
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

धीया बिनु सूना
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

धीया बिनु सूना
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

मेही भात जतन भनसिआ
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

मेही भात जतन भनसिआ
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

मेही भात जतन भनसिआ
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

जाहि घर आहो बाबा
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

जाहि घर आहो बाबा
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

जाहि घर आहो बाबा
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

परिछनि चलियौ सखी
विभा झा

परिछनि चलियौ सखी
विभा झा

परिछनि चलियौ सखी
विभा झा

चितचोरबा आइ बन्हौलनि हे
विभा झा

चितचोरबा आइ बन्हौलनि हे
विभा झा

चितचोरबा आइ बन्हौलनि हे
विभा झा

सुनू सखिया हे
विभा झा

सुनू सखिया हे
विभा झा

सुनू सखिया हे
विभा झा

चलु गौरी पूजन फुलवारी
कंचन झा

चलु गौरी पूजन फुलवारी
कंचन झा

चलु गौरी पूजन फुलवारी
कंचन झा

बाबा के अँगना
विभा झा

बाबा के अँगना
विभा झा

बाबा के अँगना
विभा झा

यौ दुल्हा चिन्ही लियौ
विभा झा

यौ दुल्हा चिन्ही लियौ
विभा झा

यौ दुल्हा चिन्ही लियौ
विभा झा

बेरी-बेरी बरजहुँ
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

बेरी-बेरी बरजहुँ
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

बेरी-बेरी बरजहुँ
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

समधि के हम गारि नइ दैय छी
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

समधि के हम गारि नइ दैय छी
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

समधि के हम गारि नइ दैय छी
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

घर पछुअरबामे
विभा झा

घर पछुअरबामे
विभा झा

घर पछुअरबामे
विभा झा

परिछी कोई ले रे
कंचन झा

परिछी कोई ले रे
कंचन झा

परिछी कोई ले रे
कंचन झा
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