



गीत के बोल
घर पछुअरबामे नाबी रे पोखरिया,
ताहि पोखरि घोँघरा सेमार हे। -2
ताहि पोखरि नैहाय गेलहुँ दुल्हा से सुन्दर दुल्हा,
मारि लेलनि रहुआ बुआर हे ।
घरसँ बाहर भेली कनियाँ हे सुहऽबे,
लए लेलनि रहुआ बुआर हे ।
मारलौ तऽ मारलौ प्रभु बड़ा बेस कयलहुँ,
मोरा सकै नहि हैत बनाएल हे। - 2
एतबा बचन सुनलनि सुन्दर दुल्हा,
भए गेला घोड़ा पर सवार हे। -2
घरसँ बाहर भेली कनियाँ हे सुहऽबे,
धय लेलनि घोड़ा के लगाम हे।- 2
अपने तऽ जाइ छी प्रभु देश रे बिदेशबा,
हमरो के कहाँ छोड़ने जाइ हे ।
नहिरा मे छौ गे धनी माय-बाप-भइया,
ससुरा मे लछुमण दिअरि हे ।
किए करथिन आहे प्रभु माय-बाप-भइया,
किए करथिन सुन्दर दिअरि हे ।
जुगे-जुगे जीबथु सुन्दर दुल्हा,
कनियाँ सुहऽबे के बढ़ौनि अहिबात हे ।
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गीत के बोल
घर पछुअरबामे नाबी रे पोखरिया,
ताहि पोखरि घोँघरा सेमार हे। -2
ताहि पोखरि नैहाय गेलहुँ दुल्हा से सुन्दर दुल्हा,
मारि लेलनि रहुआ बुआर हे ।
घरसँ बाहर भेली कनियाँ हे सुहऽबे,
लए लेलनि रहुआ बुआर हे ।
मारलौ तऽ मारलौ प्रभु बड़ा बेस कयलहुँ,
मोरा सकै नहि हैत बनाएल हे। - 2
एतबा बचन सुनलनि सुन्दर दुल्हा,
भए गेला घोड़ा पर सवार हे। -2
घरसँ बाहर भेली कनियाँ हे सुहऽबे,
धय लेलनि घोड़ा के लगाम हे।- 2
अपने तऽ जाइ छी प्रभु देश रे बिदेशबा,
हमरो के कहाँ छोड़ने जाइ हे ।
नहिरा मे छौ गे धनी माय-बाप-भइया,
ससुरा मे लछुमण दिअरि हे ।
किए करथिन आहे प्रभु माय-बाप-भइया,
किए करथिन सुन्दर दिअरि हे ।
जुगे-जुगे जीबथु सुन्दर दुल्हा,
कनियाँ सुहऽबे के बढ़ौनि अहिबात हे ।
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गीत के बोल
घर पछुअरबामे नाबी रे पोखरिया,
ताहि पोखरि घोँघरा सेमार हे। -2
ताहि पोखरि नैहाय गेलहुँ दुल्हा से सुन्दर दुल्हा,
मारि लेलनि रहुआ बुआर हे ।
घरसँ बाहर भेली कनियाँ हे सुहऽबे,
लए लेलनि रहुआ बुआर हे ।
मारलौ तऽ मारलौ प्रभु बड़ा बेस कयलहुँ,
मोरा सकै नहि हैत बनाएल हे। - 2
एतबा बचन सुनलनि सुन्दर दुल्हा,
भए गेला घोड़ा पर सवार हे। -2
घरसँ बाहर भेली कनियाँ हे सुहऽबे,
धय लेलनि घोड़ा के लगाम हे।- 2
अपने तऽ जाइ छी प्रभु देश रे बिदेशबा,
हमरो के कहाँ छोड़ने जाइ हे ।
नहिरा मे छौ गे धनी माय-बाप-भइया,
ससुरा मे लछुमण दिअरि हे ।
किए करथिन आहे प्रभु माय-बाप-भइया,
किए करथिन सुन्दर दिअरि हे ।
जुगे-जुगे जीबथु सुन्दर दुल्हा,
कनियाँ सुहऽबे के बढ़ौनि अहिबात हे ।
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गाने का विवरण
कोहबर घर का यह चुलबुला गीत दूल्हा–दुल्हन के मधुर नोकझोंक का मनोहर प्रसंग प्रस्तुत करता है। दुल्हन की सहेलियाँ छेड़ते हुए गाती हैं कि शादी के बाद दूल्हा घर के पीछे वाले तालाब से सुन्दर-सी मछली पकड़ लाता है और चाहता है कि दुल्हन उसे पकाकर सबको खिलाए। पर दुल्हन हँसते हुए इनकार कर देती है, जिससे दूल्हा नाराज़ होकर घोड़े पर सवार हो घर छोड़ने की जिद करने लगता है। दुल्हन तुरंत दौड़कर घोड़े की लगाम पकड़ लेती है और उसे प्यार से मना लेती है। थोड़ी-सी तकरार के बाद दोनों में सुलह हो जाती है और दूल्हा खुश होकर वापस आ जाता है। सखियाँ राहत की साँस लेते हुए दुल्हन के सुहाग की दीर्घायु की कामना करती हैं।
के और गाने
विभा झा

दरदी सजना
विभा झा

दरदी सजना
विभा झा

दरदी सजना
विभा झा

मुदा छन मे
विभा झा

मुदा छन मे
विभा झा

मुदा छन मे
विभा झा

एहन सुन्दर मिथिला धाम
विभा झा

एहन सुन्दर मिथिला धाम
विभा झा

एहन सुन्दर मिथिला धाम
विभा झा

यौ नारद कतए बुझा हम कहलौं
विभा झा

यौ नारद कतए बुझा हम कहलौं
विभा झा

यौ नारद कतए बुझा हम कहलौं
विभा झा

हम छी सीता
विभा झा

हम छी सीता
विभा झा

हम छी सीता
विभा झा

एहि बाटे भोला गेला
विभा झा

एहि बाटे भोला गेला
विभा झा

एहि बाटे भोला गेला
विभा झा

जखने बधइया माँगऽ
विभा झा

जखने बधइया माँगऽ
विभा झा

जखने बधइया माँगऽ
विभा झा

सुतल छलीयै बाबा के भवनबा मे
विभा झा

सुतल छलीयै बाबा के भवनबा मे
विभा झा

सुतल छलीयै बाबा के भवनबा मे
विभा झा

हम नइ जीयब बिनु राम
विभा झा

हम नइ जीयब बिनु राम
विभा झा

हम नइ जीयब बिनु राम
विभा झा

गौरी पुजू जानकी जनक भवन मे
विभा झा

गौरी पुजू जानकी जनक भवन मे
विभा झा

गौरी पुजू जानकी जनक भवन मे
विभा झा
ऐसी और गाने
घर पछुअरबामे

एहन सुन्दर मिथिला धाम
विभा झा

एहन सुन्दर मिथिला धाम
विभा झा

एहन सुन्दर मिथिला धाम
विभा झा

गीतिया मे चित्तिया
डॉ. रानी झा

गीतिया मे चित्तिया
डॉ. रानी झा

गीतिया मे चित्तिया
डॉ. रानी झा

आजु सोभा जनक मन्दिर
डॉ. रानी झा

आजु सोभा जनक मन्दिर
डॉ. रानी झा

आजु सोभा जनक मन्दिर
डॉ. रानी झा

जौ हम जनितहुँ
डॉ. रानी झा

जौ हम जनितहुँ
डॉ. रानी झा

जौ हम जनितहुँ
डॉ. रानी झा

धन दुल्हा रामचन्द्र धन मोरी सीता
डॉ. रानी झा

धन दुल्हा रामचन्द्र धन मोरी सीता
डॉ. रानी झा

धन दुल्हा रामचन्द्र धन मोरी सीता
डॉ. रानी झा

सुतल छलीयै बाबा के भवनबा मे
विभा झा

सुतल छलीयै बाबा के भवनबा मे
विभा झा

सुतल छलीयै बाबा के भवनबा मे
विभा झा

बरसा बरसे रे सबरिया
कंचन झा

बरसा बरसे रे सबरिया
कंचन झा

बरसा बरसे रे सबरिया
कंचन झा

गौरी पुजू जानकी जनक भवन मे
विभा झा

गौरी पुजू जानकी जनक भवन मे
विभा झा

गौरी पुजू जानकी जनक भवन मे
विभा झा

ऊँचा रे झरोखा
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

ऊँचा रे झरोखा
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

ऊँचा रे झरोखा
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

धीया बिनु सूना
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

धीया बिनु सूना
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

धीया बिनु सूना
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

मेही भात जतन भनसिआ
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

मेही भात जतन भनसिआ
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

मेही भात जतन भनसिआ
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

जाहि घर आहो बाबा
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

जाहि घर आहो बाबा
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

जाहि घर आहो बाबा
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

परिछनि चलियौ सखी
विभा झा

परिछनि चलियौ सखी
विभा झा

परिछनि चलियौ सखी
विभा झा

चितचोरबा आइ बन्हौलनि हे
विभा झा

चितचोरबा आइ बन्हौलनि हे
विभा झा

चितचोरबा आइ बन्हौलनि हे
विभा झा

सुनू सखिया हे
विभा झा

सुनू सखिया हे
विभा झा

सुनू सखिया हे
विभा झा

चलु गौरी पूजन फुलवारी
कंचन झा

चलु गौरी पूजन फुलवारी
कंचन झा

चलु गौरी पूजन फुलवारी
कंचन झा

बाबा के अँगना
विभा झा

बाबा के अँगना
विभा झा

बाबा के अँगना
विभा झा

यौ दुल्हा चिन्ही लियौ
विभा झा

यौ दुल्हा चिन्ही लियौ
विभा झा

यौ दुल्हा चिन्ही लियौ
विभा झा

बेरी-बेरी बरजहुँ
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

बेरी-बेरी बरजहुँ
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

बेरी-बेरी बरजहुँ
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

समधि के हम गारि नइ दैय छी
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

समधि के हम गारि नइ दैय छी
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

समधि के हम गारि नइ दैय छी
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

परिछी कोई ले रे
कंचन झा

परिछी कोई ले रे
कंचन झा

परिछी कोई ले रे
कंचन झा
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