
गीत के बोल
दरदी सजना, दरदी सजना हमरा लए अहाँ
यौ हमरा लए अहाँ निदरदी कोना ।
दरदी सजना हमरा लए अहाँ यौ हमरा लए अहाँ
निदरदी कोना दरदी सजना ।
मजरल आम मजरि गेलइ महुआ - 2
ककरा संग खेलब चोरी-नुकौआ - 2
केहेन गोदना, केहेन गोदना
बाँहियो पर गोदल केहेन गोदना,
दरदी सजना बाँहियो पर गोदल
यौ बाँहियो पर गोदल केहेन गोदना ।
दरदी सजना हमरा लए अहाँ यौ हमरा लए अहाँ
निदरदी कोना दरदी सजना ।
पटनाबला ओझा दरभंगाबला मिसर - 2
पूर्णिया के पाठक तकरो नइ औसर - 2
केहेन बिधना केहेन बिधना हमरा लए रचलनि,
यौ हमरा लए रचलनि केहेन बिधना ।
दरदी सजना हमरा लए अहाँ यौ हमरा लए अहाँ
निदरदी कोना दरदी सजना ।
होली मे कान्हा कएलनि बलजोड़ी - 2
कथी लए तोड़ए छी प्रेमक डोरी - 2
केहेन कंगना केहेन कंगना खन-खन बजइय,
अनेरो कंगना केहेन कंगना ।
खन-खन बजइय यौ खन-खन बजइय,
अनेरो कंगना ।
दरदी सजना हमरा लए अहाँ यौ हमरा लए अहाँ
निदरदी कोना दरदी सजना ।
दरदी सजना - 2
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और गाने
विभा झा

दरदी सजना
विभा झा

मुदा छन मे
विभा झा

एहन सुन्दर मिथिला धाम
विभा झा

यौ नारद कतए बुझा हम कहलौं
विभा झा

हम छी सीता
विभा झा

एहि बाटे भोला गेला
विभा झा

जखने बधइया माँगऽ
विभा झा

सुतल छलीयै बाबा के भवनबा मे
विभा झा

हम नइ जीयब बिनु राम
विभा झा

गौरी पुजू जानकी जनक भवन मे
विभा झा
ऐसे और गाने
दरदी सजना

यौ गजानन गणपति
रजनी-पल्लवी

कानि कानि कहथिन सीता
रजनी-पल्लवी

सतरंगी संसार सँ
रजनी-पल्लवी

लिख रहल छी चिट्ठी भइया
रजनी-पल्लवी

कतय छी नुकायल अहाँ
रजनी-पल्लवी

विघ्नहरण गौरी के नन्दन
रजनी-पल्लवी

ओढ़नी में लागल दाग
रजनी-पल्लवी

नन्दक नन्दन कदम्बक तरु तर
रजनी-पल्लवी

भजन
दीप के पमरिया

मुदा छन मे
विभा झा

हम छी सीता
विभा झा

घुमैत-फिरैत गौरी
कंचन झा

