
गीत के बोल
नन्दक नन्दन कदम्बक तरु तर,
धिरे धिरे मुरलि बजाब।
नन्दक नन्दन कदम्बक तरु तर,
धिरे धिरे मुरलि बजाब।
समय संकेत निकेतन बइसल,
बेरि-बेरि बोलि पठाउ।
नन्दक नन्दन कदम्बक तरु तर।
सामरि तोरा लागि,
अनुखन विकल मुरारी -2
जमुनाक तिर उपवन उद्वेगल,
फिरि-फिरि तितहि निहारि।
जमुनाक तिर उपवन उद्वेगल,
फिरि-फिरि तितहि निहारि।
गोरस बेचए अबइत जात -2
जनि-जनि पुछ बनमारि।
नन्दक नन्दन कदम्बक तरु तर।
तोहि मतिमान सुमति मधुसूदन,
वचन सुनह किछु मोरा, मोरा।
तोहि मतिमान सुमति मधुसूदन,
वचन सुनह किछु मोरा।
भनहि विद्यापति सुनू वर्जावति -2
बन्दह नन्द किशोरा ।
नन्दक नन्दन कदम्बक तरु तर -2
धिरे-धिरे मुरलि बजाउ।
समय संकेत निकेतन बइसल,
बेरि-बेरि बोलि पठाउ -3
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