
शक्ति और शिव के साथ-साथ, मिथिलावासी भगवान विष्णु और उनके विभिन्न अवतारों की भी आराधना करते हैं। यहाँ राम, कृष्ण, हनुमान के साथ-साथ शीतला, गंगा और गुरुओं की वंदना के गीत भी प्रचुर हैं। इसके अलावा निर्गुण के गीत भी हैं जो निराकार परब्रह्म और जीवन के गूढ़ रहस्यों की खोज करते हैं।
गीतों में
भक्ति के अन्य गीत

ओढ़नी में लागल दाग
रजनी-पल्लवी

नन्दक नन्दन कदम्बक तरु तर
रजनी-पल्लवी

भजन
दीप के पमरिया

घुमैत-फिरैत गौरी
कंचन झा


