
गीत के बोल
अवध नगरिया सँ -2
साजु बरयतिया हे बाजन बाजे
बाजन बाजे शहनाई, हे सोहावन लागे -2
राजा वशिष्ट मुनि-2
दिन उचारल, हे सोहावन लागे
शुभ शुम लगन उचारु, हे सोहावन लागे
नौ लाख हाथी साजु-२
नौ लाख घोड़ा हे सोहावन लागे
कोटिदल साजु बरियात, हे सोहावन लागे
जखन बाराती सब - २
जनकपुर पहुँचल हे सोहावन नागे
जनकपुर धन्य धन्य भेल हे सोहावन लागे
अवध नगरिया सँ - २
साजु बरियतिया हे बाजन बाजे
बाजन बाजे शहनाई हे सोहावन लागे
हे सोहावन लागे -3
पूरे बोल देखें
और गाने
रजनी-पल्लवी

आयल चैत मधुर रंग पाँचम
रजनी-पल्लवी

यौ गजानन गणपति
रजनी-पल्लवी

कानि कानि कहथिन सीता
रजनी-पल्लवी

चलु देखु भरि नयना
रजनी-पल्लवी

अवध नगरिया सँ
रजनी-पल्लवी

गाम के अधिकारी
रजनी-पल्लवी

कातिक मास बीतल सुकराती
रजनी-पल्लवी

प्रिय पाहुन सिन्दूर दान करू
रजनी-पल्लवी

सतरंगी संसार सँ
रजनी-पल्लवी

लिख रहल छी चिट्ठी भइया
रजनी-पल्लवी
ऐसे और गाने
अवध नगरिया सँ

चलु देखु भरि नयना
रजनी-पल्लवी

प्रिय पाहुन सिन्दूर दान करू
रजनी-पल्लवी

हे सीता माता कतेक तप केलौं
रजनी-पल्लवी

दुअरि छेकौनी अहाँ
रजनी-पल्लवी

भइया भउजि सँ करियौन विचार,
रजनी-पल्लवी

हम धनमा कुटैबइ एहि बड़बा सँ
रजनी-पल्लवी

आजु बाजए बधइया कोबर घर मे
रजनी-पल्लवी

हमरा अँगना मे उगि गेलइ चान
रजनी-पल्लवी

सिया के सोहाग दै लय
रजनी-पल्लवी

एहन सुन्दर मिथिला धाम
विभा झा

गीतिया मे चित्तिया
डॉ. रानी झा

आजु सोभा जनक मन्दिर
डॉ. रानी झा

जौ हम जनितहुँ
डॉ. रानी झा

धन दुल्हा रामचन्द्र धन मोरी सीता
डॉ. रानी झा

सुतल छलीयै बाबा के भवनबा मे
विभा झा

बरसा बरसे रे सबरिया
कंचन झा

गौरी पुजू जानकी जनक भवन मे
विभा झा

ऊँचा रे झरोखा
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

धीया बिनु सूना
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

मेही भात जतन भनसिआ
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

जाहि घर आहो बाबा
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

परिछनि चलियौ सखी
विभा झा

चितचोरबा आइ बन्हौलनि हे
विभा झा

सुनू सखिया हे
विभा झा

चलु गौरी पूजन फुलवारी
कंचन झा

बाबा के अँगना
विभा झा

यौ दुल्हा चिन्ही लियौ
विभा झा

बेरी-बेरी बरजहुँ
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

समधि के हम गारि नइ दैय छी
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

घर पछुअरबामे
विभा झा

परिछी कोई ले रे
कंचन झा

