
गीत के बोल
यौ नारद कतए बुझा हम कहलौं,
गौरी लए सुन्दर बर अनितौं यौ ।-2
गौरी लए सुन्दर बर अनितौं यौ - 2
यौ नारद कतेक बुझा हम कहलौं,
गौरी लए सुन्दर बर अनितौं यौ ।-2
हमर धिया छथि बारह बरख केर,
हमर धिया छथि बारह बरख के,
मनो नै बिचरलौं यौ,
यौ नारद बूढ़ बर आनलौं यौ ।
यौ नारद कतेक बुझा हम कहलौं
गौरी लए सुन्दर बर अनितौं यौ ।
तीन भुवन बर कतहुँ नै भेटल - 2
घुरी घर अबितौ यौ नारद,
घुरी घर अबितौ यौ ।
यौ नारद कतेक बुझा हम कहलौं,
गौरी लए सुन्दर बर अनितौं यौ ।
भनहि विद्यापति सुनू हे मनाएन - 2
त्रिभुवन-पति अनलौं यौ नारद,
त्रिभुवन-पति अनलौं यौ ।
यौ नारद कतेक बुझा हम कहलौं,
गौरी लए सुन्दर बर अनितौं यौ ।-2
पूरे बोल देखें
और गाने
विभा झा

दरदी सजना
विभा झा

मुदा छन मे
विभा झा

एहन सुन्दर मिथिला धाम
विभा झा

यौ नारद कतए बुझा हम कहलौं
विभा झा

हम छी सीता
विभा झा

एहि बाटे भोला गेला
विभा झा

जखने बधइया माँगऽ
विभा झा

सुतल छलीयै बाबा के भवनबा मे
विभा झा

हम नइ जीयब बिनु राम
विभा झा

गौरी पुजू जानकी जनक भवन मे
विभा झा
ऐसे और गाने





