डॉ. प्रेमलता मिश्रा
हमारे बारे में
डॉ. प्रेमलता मिश्रा ‘प्रेम’ (जन्म 29 सितम्बर 1948) मैथिली रंगमंच की जानी-मानी दिग्गज हस्तियों में से एक हैं। एक कुशल अभिनेत्री, लेखिका और रेडियो कलाकार के रूप में उन्होंने पाँच दशकों से अधिक समय तक मिथिला की संस्कृति को समृद्ध किया है और असंख्य महिलाओं को रंगमंच तथा साहित्य में अपनी पहचान बनाने की प्रेरणा दी है।
उन्होंने अब तक तीन पुस्तकें लिखी हैं, जिनमें शेखर प्रसंग (उनके पी.एच.डी. शोध पर आधारित) और आत्मकथात्मक संस्मरण एगो छलिह स्नेह विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। वे साहित्यिक सभा संध्या-गोष्ठी की संस्थापक और संचालक हैं तथा इसी नाम की पत्रिका का संपादन भी करती हैं, जो उभरते और स्थापित लेखकों को एक मंच प्रदान करती है।
डॉ. मिश्रा ने मैथिली और भोजपुरी की अनेक फ़िल्मों—जैसे कन्यादान, सस्ता जिनगी महग सिंदूर, बबुआ हमार और मिथिला मखान—में अभिनय किया है। वे आकाशवाणी, पटना की लम्बे समय तक रेडियो कलाकार रही हैं और दूरदर्शन, पटना के धारावाहिक ‘पर्व भरा मिथिला’ में भी उन्होंने अभिनय किया है।संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार (2022–23), मिथिला विभूति सम्मान, भिखारी ठाकुर वरिष्ठ सम्मान, नूर फातिमा पुरस्कार, पाटलिपुत्र पुरस्कार और अनेक अन्य सम्मानों से अलंकृत डॉ. प्रेमलता मिश्रा आज भी मिथिला की सांस्कृतिक और रंगमंचीय परंपराओं को सहेजने और नए आयाम देने में सक्रिय हैं।














