गीत के बोल
हम ने जियब बिनु राम हे जननी, हम ने जियब बिनु राम-2
राम लषन सीता बन कऽ सिधारल
धयलनि तपसि के भेस हे जननी
हम ने जियब बिनु राम
हम ने जियब बिनु राम हे जननी, हम ने जियब बिनु राम
राम लखन सीता वन कऽ गमन कैल
दसरथ तेजल प्राण हे जननी
हम ने जियब बिनु राम
हम ने जियब बिनु राम हे जननी, हम ने जियब बिनु राम
होइतहिं प्रात हमहुँ बन जाएब
जहाँ भेंटता सियाराम हे जननी
हम ने जियब बिनु राम
हम ने जियब बिनु राम हे जननी, हम ने जियब बिनु राम
बन ही में रहब बन ही फल खाएब
सेवा करब भगवान हे जननी
हम ने जियब बिनु राम
हम ने जियब बिनु राम हे जननी, हम ने जियब बिनु राम
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डॉ. प्रेमलता मिश्रा

ऊँचा रे झरोखा
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

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डॉ. प्रेमलता मिश्रा

हे उद्धो बड़ा रे चतुर
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

धीया बिनु सूना
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

मेही भात जतन भनसिआ
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

जाहि घर आहो बाबा
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

जुनि करू राम वियोग
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

हम ने जियब बिनु राम
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

सखिया सावन में डर लागे
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

पानहि शन धनी पातरी
डॉ. प्रेमलता मिश्रा
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