गीत के बोल
पिया तोरा गोड़ लागु ननदी मँगा दे - 2
जब रे ननदिया नगर बीच आयल - 2
ननदी के पायल बड़ा नीक लागे - 2
पिया तोरा गोड़ लागु ननदी मँगा दे - 2
जब रे ननदिया नगर बीच आयल - 2
ननदी के पायल बड़ा नीक लागे - 2
पिया तोरा गोड़ लागु ननदी मँगा दे - 2
जब रे ननदिया अँगन बीच आयल - 2
पूरी मिठाइ बड़ा नीक लागे - 2
पिया तोरा गोड़ लागु ननदी मँगा दे - 2
जब रे ननदिया बधइया माँगे - 2
ननदी के बोली बड़ा तीत लागे - 2
पिया तोरा गोड़ लागु ननदी भगा दे - 4
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गाने का विवरण
मिथिला में बच्चे के जन्म के बाद जब घर-आँगन खुशियों से भर उठता है तब उल्लासभरे खिलौना गीत आपको जरूर सुनाई देंगे ।ये गीत शरारत और हास्य से भरपूर होते हैं, जिनका मुख्य आकर्षण ननद–भाभी की प्यारी नोकझोंक है। गीत की शुरुआत में पत्नी अपने पति से ननद को बुलवाने की मिन्नत करती है। ननद के आने से घर में खुशहाली का माहौल बन जाता है। ननद-भौजाई का साथ उठना बैठना, खाना-पीना, ननद की पायल की रुनझुन और उसकी चुलबुली बोली—सब कुछ भाभी को बहुत भाते हैं। लेकिन जब ननद बधाई (बच्चा होने के उपलक्ष में उपहार) की मांग करती है, तो वही प्यारी बोली भाभी को कड़वी लगने लगती है और वह पति से ननद को वापस भेजने की मनुहार करती है। नवजात शिशु के आगमन पर घर में उमड़ने वाली खुशी और हँसी-ठिठोली इस गीत में पूर्णतया विदित है।
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विभा झा
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जखने बधइया माँगऽ
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