महिला नया जन्मे बच्चे के पालने के चारों ओर इकट्ठा होकर और ढोल मजीरा के साथ गा रही हैं
महिला नया जन्मे बच्चे के पालने के चारों ओर इकट्ठा होकर और ढोल मजीरा के साथ गा रही हैं

हर्षित मिथिलाक राजन जन जन हर्षित रे

हर्षित मिथिलाक राजन जन जन हर्षित रे

हर्षित मिथिलाक राजन जन जन हर्षित रे

महिला नया जन्मे बच्चे के पालने के चारों ओर इकट्ठा होकर और ढोल मजीरा के साथ गा रही हैं
महिला नया जन्मे बच्चे के पालने के चारों ओर इकट्ठा होकर और ढोल मजीरा के साथ गा रही हैं

गीत के बोल

हर्षित मिथिलाक राजन जन जन हर्षित रे
ललना रे धरणी सॉ प्रगटली जानकी सुर गण हर्षित रे

यज्ञ हलेष्ठिक शुभफल पसरल चहुदिस रे
ललना रे बरसल मेघ भुवन भरी श्री गृह आयलि रे

माँझहि बैसि रानी हर्षित अन धन लुटबथि रे
ललना रे ऋषि मुनि बाँचथि लग्न की भाग गुण गणबति रे

सुनु सुनु रानी सुनैना के भगवती आयल रे
ललना रे औताह स्वयं भगवान भुवन यश पसरल रे

पूरे बोल देखें

गीत के बोल

हर्षित मिथिलाक राजन जन जन हर्षित रे
ललना रे धरणी सॉ प्रगटली जानकी सुर गण हर्षित रे

यज्ञ हलेष्ठिक शुभफल पसरल चहुदिस रे
ललना रे बरसल मेघ भुवन भरी श्री गृह आयलि रे

माँझहि बैसि रानी हर्षित अन धन लुटबथि रे
ललना रे ऋषि मुनि बाँचथि लग्न की भाग गुण गणबति रे

सुनु सुनु रानी सुनैना के भगवती आयल रे
ललना रे औताह स्वयं भगवान भुवन यश पसरल रे

पूरे बोल देखें

गीत के बोल

हर्षित मिथिलाक राजन जन जन हर्षित रे
ललना रे धरणी सॉ प्रगटली जानकी सुर गण हर्षित रे

यज्ञ हलेष्ठिक शुभफल पसरल चहुदिस रे
ललना रे बरसल मेघ भुवन भरी श्री गृह आयलि रे

माँझहि बैसि रानी हर्षित अन धन लुटबथि रे
ललना रे ऋषि मुनि बाँचथि लग्न की भाग गुण गणबति रे

सुनु सुनु रानी सुनैना के भगवती आयल रे
ललना रे औताह स्वयं भगवान भुवन यश पसरल रे

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गाने का विवरण

इस सोहर में मिथिला के राजा जनक की पुत्री सीता के जन्म का वर्णन है। जब स्वयं धरती की कोख से दिव्य कन्या प्रकट हुई, तो देवताओं, ऋषियों तथा समस्त राज्य में उल्लास छा गया। यज्ञ की शुभकामनाएँ चारों दिशाओं में फैल गईं, मेघ बरसने लगे और राजमहल अन्न-धन से भर उठा। रानी सुनैना उल्लास में धन लुटा रही हैं, और ऋषिगण इस मंगल घड़ी के पुण्य का गुणगान कर रहे हैं। वे रानी से कहते हैं कि स्वयं भगवती अवतरित हुई हैं और उनके आगमन से सम्पूर्ण जगत में प्रभु की महिमा व्याप्त हो गई है।

के और गाने

रजनी-पल्लवी

आकाश में पक्षी, बादल, जल निकाय, पुराना पेड़, अंकुरित पौधे - जीवन चरणों के प्रतीक

ओढ़नी में लागल दाग

रजनी-पल्लवी

आकाश में पक्षी, बादल, जल निकाय, पुराना पेड़, अंकुरित पौधे - जीवन चरणों के प्रतीक

ओढ़नी में लागल दाग

रजनी-पल्लवी

आकाश में पक्षी, बादल, जल निकाय, पुराना पेड़, अंकुरित पौधे - जीवन चरणों के प्रतीक

ओढ़नी में लागल दाग

रजनी-पल्लवी

पूर्णिमा की रात, चांदनी आकाश, एक महिला चंद्रमा को देख रही है, मिथिला की आकृतियाँ

गोल मोल सन चान गगन में

रजनी-पल्लवी

पूर्णिमा की रात, चांदनी आकाश, एक महिला चंद्रमा को देख रही है, मिथिला की आकृतियाँ

गोल मोल सन चान गगन में

रजनी-पल्लवी

पूर्णिमा की रात, चांदनी आकाश, एक महिला चंद्रमा को देख रही है, मिथिला की आकृतियाँ

गोल मोल सन चान गगन में

रजनी-पल्लवी

कृष्ण पेड़ के नीचे बांसुरी बजा रहे हैं

नन्दक नन्दन कदम्बक तरु तर

रजनी-पल्लवी

कृष्ण पेड़ के नीचे बांसुरी बजा रहे हैं

नन्दक नन्दन कदम्बक तरु तर

रजनी-पल्लवी

कृष्ण पेड़ के नीचे बांसुरी बजा रहे हैं

नन्दक नन्दन कदम्बक तरु तर

रजनी-पल्लवी

फूलों की जीवंत मधुबनी पेंटिंग

हथवा के लेलौं हम

रजनी-पल्लवी

फूलों की जीवंत मधुबनी पेंटिंग

हथवा के लेलौं हम

रजनी-पल्लवी

फूलों की जीवंत मधुबनी पेंटिंग

हथवा के लेलौं हम

रजनी-पल्लवी

बारिश, मोर, सुनसान मूड, मधुबनी पेंटिंग

हमर दुखक नहि ओर

रजनी-पल्लवी

बारिश, मोर, सुनसान मूड, मधुबनी पेंटिंग

हमर दुखक नहि ओर

रजनी-पल्लवी

बारिश, मोर, सुनसान मूड, मधुबनी पेंटिंग

हमर दुखक नहि ओर

रजनी-पल्लवी

महिला नया जन्मे बच्चे के पालने के चारों ओर इकट्ठा होकर और ढोल मजीरा के साथ गा रही हैं

हर्षित मिथिलाक राजन जन जन हर्षित रे

रजनी-पल्लवी

महिला नया जन्मे बच्चे के पालने के चारों ओर इकट्ठा होकर और ढोल मजीरा के साथ गा रही हैं

हर्षित मिथिलाक राजन जन जन हर्षित रे

रजनी-पल्लवी

महिला नया जन्मे बच्चे के पालने के चारों ओर इकट्ठा होकर और ढोल मजीरा के साथ गा रही हैं

हर्षित मिथिलाक राजन जन जन हर्षित रे

रजनी-पल्लवी

एक शाखा पर बैठी कोयल

अंगना में लागल छै चंपा चमेली

रजनी-पल्लवी

एक शाखा पर बैठी कोयल

अंगना में लागल छै चंपा चमेली

रजनी-पल्लवी

एक शाखा पर बैठी कोयल

अंगना में लागल छै चंपा चमेली

रजनी-पल्लवी

शिव, मधुबनी पेंटिंग शैली

छोटी-मोटी टुटली मड़ैआ

रजनी-पल्लवी

शिव, मधुबनी पेंटिंग शैली

छोटी-मोटी टुटली मड़ैआ

रजनी-पल्लवी

शिव, मधुबनी पेंटिंग शैली

छोटी-मोटी टुटली मड़ैआ

रजनी-पल्लवी

ऐसी और गाने

हर्षित मिथिलाक राजन जन जन हर्षित रे

एक सुंदर वर्गीय मंडला पैटर्न

तुलसी सुखिया गेला

दीप के पमरिया

एक सुंदर वर्गीय मंडला पैटर्न

तुलसी सुखिया गेला

दीप के पमरिया

एक सुंदर वर्गीय मंडला पैटर्न

तुलसी सुखिया गेला

दीप के पमरिया

मिथिला चित्रकला शैली में दो मछलियाँ और कमल

सासु मोरा ताना

दीप के पमरिया

मिथिला चित्रकला शैली में दो मछलियाँ और कमल

सासु मोरा ताना

दीप के पमरिया

मिथिला चित्रकला शैली में दो मछलियाँ और कमल

सासु मोरा ताना

दीप के पमरिया

पीछे संगीत वाद्ययंत्रों के साथ एक व्यक्ति एक भव्य लहंगा पहनकर घूमता हुआ

हमरे ननदिया के

दीप के पमरिया

पीछे संगीत वाद्ययंत्रों के साथ एक व्यक्ति एक भव्य लहंगा पहनकर घूमता हुआ

हमरे ननदिया के

दीप के पमरिया

पीछे संगीत वाद्ययंत्रों के साथ एक व्यक्ति एक भव्य लहंगा पहनकर घूमता हुआ

हमरे ननदिया के

दीप के पमरिया

महिला नया जन्मे बच्चे के पालने के चारों ओर इकट्ठा होकर और ढोल मजीरा के साथ गा रही हैं

घरबारी निपा लिय

दीप के पमरिया

महिला नया जन्मे बच्चे के पालने के चारों ओर इकट्ठा होकर और ढोल मजीरा के साथ गा रही हैं

घरबारी निपा लिय

दीप के पमरिया

महिला नया जन्मे बच्चे के पालने के चारों ओर इकट्ठा होकर और ढोल मजीरा के साथ गा रही हैं

घरबारी निपा लिय

दीप के पमरिया

पालने में बच्चा हंसती हुई महिलाओं से घिरा हुआ

आई कलि के कनिया

दीप के पमरिया

पालने में बच्चा हंसती हुई महिलाओं से घिरा हुआ

आई कलि के कनिया

दीप के पमरिया

पालने में बच्चा हंसती हुई महिलाओं से घिरा हुआ

आई कलि के कनिया

दीप के पमरिया

मिथिला चित्रकला शैली में वनस्पति और जीव

राम के नामे

दीप के पमरिया

मिथिला चित्रकला शैली में वनस्पति और जीव

राम के नामे

दीप के पमरिया

मिथिला चित्रकला शैली में वनस्पति और जीव

राम के नामे

दीप के पमरिया

झूले में बच्चा, मिथिला प्रतिरूप

खेलेला अंगनमा

दीप के पमरिया

झूले में बच्चा, मिथिला प्रतिरूप

खेलेला अंगनमा

दीप के पमरिया

झूले में बच्चा, मिथिला प्रतिरूप

खेलेला अंगनमा

दीप के पमरिया

महिला नया जन्मे बच्चे के पालने के चारों ओर इकट्ठा होकर और ढोल मजीरा के साथ गा रही हैं

बड़ा शोर भेले ना

दीप के पमरिया

महिला नया जन्मे बच्चे के पालने के चारों ओर इकट्ठा होकर और ढोल मजीरा के साथ गा रही हैं

बड़ा शोर भेले ना

दीप के पमरिया

महिला नया जन्मे बच्चे के पालने के चारों ओर इकट्ठा होकर और ढोल मजीरा के साथ गा रही हैं

बड़ा शोर भेले ना

दीप के पमरिया

पालने में बच्चा हंसती हुई महिलाओं से घिरा हुआ

राजाजी लागी गेला

दीप के पमरिया

पालने में बच्चा हंसती हुई महिलाओं से घिरा हुआ

राजाजी लागी गेला

दीप के पमरिया

पालने में बच्चा हंसती हुई महिलाओं से घिरा हुआ

राजाजी लागी गेला

दीप के पमरिया

झूले में नवजात शिशु परिवार के सदस्यों से घिरा हुआ

जखने बधइया माँगऽ

विभा झा

झूले में नवजात शिशु परिवार के सदस्यों से घिरा हुआ

जखने बधइया माँगऽ

विभा झा

झूले में नवजात शिशु परिवार के सदस्यों से घिरा हुआ

जखने बधइया माँगऽ

विभा झा

झूले में बच्चा, मिथिला प्रतिरूप

पहिल सपन देवकी देखली

डॉ. रानी झा

झूले में बच्चा, मिथिला प्रतिरूप

पहिल सपन देवकी देखली

डॉ. रानी झा

झूले में बच्चा, मिथिला प्रतिरूप

पहिल सपन देवकी देखली

डॉ. रानी झा

बाल कट, भारतीय बच्चा, नाई

पिपही के बाजन सोहाओन

विभा झा

बाल कट, भारतीय बच्चा, नाई

पिपही के बाजन सोहाओन

विभा झा

बाल कट, भारतीय बच्चा, नाई

पिपही के बाजन सोहाओन

विभा झा

पालने में बच्चा

पिया तोरा गोड़ लागु

विभा झा

पालने में बच्चा

पिया तोरा गोड़ लागु

विभा झा

पालने में बच्चा

पिया तोरा गोड़ लागु

विभा झा

पालने में बालक (राम - कृष्ण) मुस्कुराती हुई महिलाओं से घिरा हुआ

पानहि शन धनी पातरी

डॉ. प्रेमलता मिश्रा

पालने में बालक (राम - कृष्ण) मुस्कुराती हुई महिलाओं से घिरा हुआ

पानहि शन धनी पातरी

डॉ. प्रेमलता मिश्रा

पालने में बालक (राम - कृष्ण) मुस्कुराती हुई महिलाओं से घिरा हुआ

पानहि शन धनी पातरी

डॉ. प्रेमलता मिश्रा

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