



गीत के बोल
पिपही के बाजन सोहाओन, बड्ड मन भाबन लागइ रे,
ललना रे ढोलिआ बजाय दिअ, बबुआ के केश कटावन लागइ रे ।- 2
होरिला के मुड़ना मे नटुआ बजनिया, बजावन लागइ रे ।
ललना रे सुदूर सँ आयल गबैया, बधइया सुनावन लागइ रे । - 2
बाजे ढोल मृदङ्ग ताशा,झाल संग करताल यौ ।
सुनू सरगम धिआपुता, आइ लाले लाल यौ ।
बाजे ढोल मृदङ्ग ताशा,झाल संग करताल यौ ।
सुनू सरगम धिआपुता, आइ लाले लाल यौ ।
दादी भेलनि केश परछी की दादा धन लुटावन लागइ रे ।
ललना रे मौसी लेल हजमा बेकल भेल,नानी जी चुमाओन लागइ रे । - 2
केश कटलइ लागल उबटन, घैल सँ स्नान यौ ।
नवल कपड़ा बटुक पहिरल,आशीषक ओरिआन यौ ।
केश कटलइ लागल उबटन, घैल सँ स्नान यौ ।
नवल कपड़ा बटुक पहिरल,आशीषक ओरिआन यौ
भरि गाम नोत हकार से सुन्दर, बिधान लागइ रे ।
ललना रे मनइ मन मुदित विभोर, कि सोहर गावन लागइ रे । - 2
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गीत के बोल
पिपही के बाजन सोहाओन, बड्ड मन भाबन लागइ रे,
ललना रे ढोलिआ बजाय दिअ, बबुआ के केश कटावन लागइ रे ।- 2
होरिला के मुड़ना मे नटुआ बजनिया, बजावन लागइ रे ।
ललना रे सुदूर सँ आयल गबैया, बधइया सुनावन लागइ रे । - 2
बाजे ढोल मृदङ्ग ताशा,झाल संग करताल यौ ।
सुनू सरगम धिआपुता, आइ लाले लाल यौ ।
बाजे ढोल मृदङ्ग ताशा,झाल संग करताल यौ ।
सुनू सरगम धिआपुता, आइ लाले लाल यौ ।
दादी भेलनि केश परछी की दादा धन लुटावन लागइ रे ।
ललना रे मौसी लेल हजमा बेकल भेल,नानी जी चुमाओन लागइ रे । - 2
केश कटलइ लागल उबटन, घैल सँ स्नान यौ ।
नवल कपड़ा बटुक पहिरल,आशीषक ओरिआन यौ ।
केश कटलइ लागल उबटन, घैल सँ स्नान यौ ।
नवल कपड़ा बटुक पहिरल,आशीषक ओरिआन यौ
भरि गाम नोत हकार से सुन्दर, बिधान लागइ रे ।
ललना रे मनइ मन मुदित विभोर, कि सोहर गावन लागइ रे । - 2
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गीत के बोल
पिपही के बाजन सोहाओन, बड्ड मन भाबन लागइ रे,
ललना रे ढोलिआ बजाय दिअ, बबुआ के केश कटावन लागइ रे ।- 2
होरिला के मुड़ना मे नटुआ बजनिया, बजावन लागइ रे ।
ललना रे सुदूर सँ आयल गबैया, बधइया सुनावन लागइ रे । - 2
बाजे ढोल मृदङ्ग ताशा,झाल संग करताल यौ ।
सुनू सरगम धिआपुता, आइ लाले लाल यौ ।
बाजे ढोल मृदङ्ग ताशा,झाल संग करताल यौ ।
सुनू सरगम धिआपुता, आइ लाले लाल यौ ।
दादी भेलनि केश परछी की दादा धन लुटावन लागइ रे ।
ललना रे मौसी लेल हजमा बेकल भेल,नानी जी चुमाओन लागइ रे । - 2
केश कटलइ लागल उबटन, घैल सँ स्नान यौ ।
नवल कपड़ा बटुक पहिरल,आशीषक ओरिआन यौ ।
केश कटलइ लागल उबटन, घैल सँ स्नान यौ ।
नवल कपड़ा बटुक पहिरल,आशीषक ओरिआन यौ
भरि गाम नोत हकार से सुन्दर, बिधान लागइ रे ।
ललना रे मनइ मन मुदित विभोर, कि सोहर गावन लागइ रे । - 2
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गाने का विवरण
यह एक सोहर गीत है। सोहर सामान्यतः बच्चे के जन्म पर गाया जाता है, लेकिन मिथिला में यह मुंडन, उपनयन जैसे अन्य संस्कारों पर भी गाया जाता है। यह गीत मुंडन संस्कार का वर्णन करता है। महिलाएँ सोहर के द्वारा उत्सवपूर्ण तैयारियों का वर्णन करते हुए ढोल, मृदंग और दूर से बुलाए गवैये का विवरण देती हैं। गीत में महिलाएँ पूरे दृश्य का ब्यौरा भी देती हैं—दादी आँचल में कटे बाल समेट रही हैं, दादाजी खुशी-खुशी धन लुटा रहे हैं, बाल काटने के बाद उबटन लगाया जा रहा है, बच्चे को घड़े के पानी से स्नान कराकर नए वस्त्र पहनाए जाते हैं और बड़ों का आशीर्वाद दिलाया जाता है। पूरे गाँव को निमंत्रण दिया गया है, और इस उमंग भरे वातावरण में मन गदगद हो सोहर गाने लगता है ।
के और गाने
विभा झा

दरदी सजना
विभा झा

दरदी सजना
विभा झा

दरदी सजना
विभा झा

मुदा छन मे
विभा झा

मुदा छन मे
विभा झा

मुदा छन मे
विभा झा

एहन सुन्दर मिथिला धाम
विभा झा

एहन सुन्दर मिथिला धाम
विभा झा

एहन सुन्दर मिथिला धाम
विभा झा

यौ नारद कतए बुझा हम कहलौं
विभा झा

यौ नारद कतए बुझा हम कहलौं
विभा झा

यौ नारद कतए बुझा हम कहलौं
विभा झा

हम छी सीता
विभा झा

हम छी सीता
विभा झा

हम छी सीता
विभा झा

एहि बाटे भोला गेला
विभा झा

एहि बाटे भोला गेला
विभा झा

एहि बाटे भोला गेला
विभा झा

जखने बधइया माँगऽ
विभा झा

जखने बधइया माँगऽ
विभा झा

जखने बधइया माँगऽ
विभा झा

सुतल छलीयै बाबा के भवनबा मे
विभा झा

सुतल छलीयै बाबा के भवनबा मे
विभा झा

सुतल छलीयै बाबा के भवनबा मे
विभा झा

हम नइ जीयब बिनु राम
विभा झा

हम नइ जीयब बिनु राम
विभा झा

हम नइ जीयब बिनु राम
विभा झा

गौरी पुजू जानकी जनक भवन मे
विभा झा

गौरी पुजू जानकी जनक भवन मे
विभा झा

गौरी पुजू जानकी जनक भवन मे
विभा झा
ऐसी और गाने
पिपही के बाजन सोहाओन

तुलसी सुखिया गेला
दीप के पमरिया

तुलसी सुखिया गेला
दीप के पमरिया

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दीप के पमरिया

सासु मोरा ताना
दीप के पमरिया

सासु मोरा ताना
दीप के पमरिया

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हमरे ननदिया के
दीप के पमरिया

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घरबारी निपा लिय
दीप के पमरिया

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घरबारी निपा लिय
दीप के पमरिया

आई कलि के कनिया
दीप के पमरिया

आई कलि के कनिया
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राम के नामे
दीप के पमरिया

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खेलेला अंगनमा
दीप के पमरिया

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बड़ा शोर भेले ना
दीप के पमरिया

बड़ा शोर भेले ना
दीप के पमरिया

बड़ा शोर भेले ना
दीप के पमरिया

राजाजी लागी गेला
दीप के पमरिया

राजाजी लागी गेला
दीप के पमरिया

राजाजी लागी गेला
दीप के पमरिया

जखने बधइया माँगऽ
विभा झा

जखने बधइया माँगऽ
विभा झा

जखने बधइया माँगऽ
विभा झा

पहिल सपन देवकी देखली
डॉ. रानी झा

पहिल सपन देवकी देखली
डॉ. रानी झा

पहिल सपन देवकी देखली
डॉ. रानी झा

हर्षित मिथिलाक राजन जन जन हर्षित रे
रजनी-पल्लवी

हर्षित मिथिलाक राजन जन जन हर्षित रे
रजनी-पल्लवी

हर्षित मिथिलाक राजन जन जन हर्षित रे
रजनी-पल्लवी

पिया तोरा गोड़ लागु
विभा झा

पिया तोरा गोड़ लागु
विभा झा

पिया तोरा गोड़ लागु
विभा झा

पानहि शन धनी पातरी
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

पानहि शन धनी पातरी
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

पानहि शन धनी पातरी
डॉ. प्रेमलता मिश्रा
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