
जन्म जीवन का सबसे आनंददायक पल है। गर्भावस्था और प्रसव का यह समय खुशियों से सराबोर होता है और यही वह समय है जब महिलाएँ सोहर और खेलौना गाती हैं। इन गीतों में भावनाओं का पूरा संसार समाया होता है—ननद-भाभी के बीच की हंसी-ठिठोली, माँ की आशाएँ और चिंताएँ, नए जीवन के स्वागत का उल्लास और नवजात के लिए मंगलकामनाएँ।
गीतों में
जन्म

तुलसी सुखिया गेला
दीप के पमरिया

सासु मोरा ताना
दीप के पमरिया

हमरे ननदिया के
दीप के पमरिया

घरबारी निपा लिय
दीप के पमरिया

आई कलि के कनिया
दीप के पमरिया

राम के नामे
दीप के पमरिया

खेलेला अंगनमा
दीप के पमरिया

बड़ा शोर भेले ना
दीप के पमरिया


