
गीत के बोल
एनए
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गाने का विवरण
यह एक मनोरम पमरिया सोहर गीत है, जिसमें पति और पत्नी के बीच सोने के कंगन को लेकर चुटीले संवाद हैं। यह गीत वैवाहिक जीवन की नोकझोंक और रोज़मर्रा की प्यारी खटपट को हँसी-ठिठोली के साथ प्रस्तुत करता है। मिथिला में प्रसव के बाद विशेष रूप से बुलाए जाने वाले पारंपरिक पमरिया गायक इस गीत को गाते हैं।
और गाने
दीप के पमरिया

तुलसी सुखिया गेला
दीप के पमरिया

भजन
दीप के पमरिया

सासु मोरा ताना
दीप के पमरिया

हमरे ननदिया के
दीप के पमरिया

घरबारी निपा लिय
दीप के पमरिया

आई कलि के कनिया
दीप के पमरिया

राम के नामे
दीप के पमरिया

खेलेला अंगनमा
दीप के पमरिया

बड़ा शोर भेले ना
दीप के पमरिया

राजाजी लागी गेला
दीप के पमरिया
ऐसे और गाने
राजाजी लागी गेला

तुलसी सुखिया गेला
दीप के पमरिया

सासु मोरा ताना
दीप के पमरिया

हमरे ननदिया के
दीप के पमरिया

घरबारी निपा लिय
दीप के पमरिया

आई कलि के कनिया
दीप के पमरिया

राम के नामे
दीप के पमरिया

खेलेला अंगनमा
दीप के पमरिया

बड़ा शोर भेले ना
दीप के पमरिया

जखने बधइया माँगऽ
विभा झा

पहिल सपन देवकी देखली
डॉ. रानी झा

पिपही के बाजन सोहाओन
विभा झा

हर्षित मिथिलाक राजन जन जन हर्षित रे
रजनी-पल्लवी

पिया तोरा गोड़ लागु
विभा झा

पानहि शन धनी पातरी
डॉ. प्रेमलता मिश्रा

