
गीत के बोल
महादेव कहलनि नारद सँ, बिपति पड़ल बड़ भारी - 2
गौरी गोर गौरबे आन्हरि, हम जमुनिया कारी ।
नारद बिपति पड़ल बड़ भारी - 2
हमर सबारी बसहा, गौरी राखल अपन शेर - 2
एक झपट्टा मारत, हमर बसहा हेतइ ढेर ।
करए छी चौकीदारी - 2
नारद बिपति पड़ल बड़ भारी - 2
हम पहिरने विषधर माला, कार्तिक पोसल मयूर - 2
रखबारी मे जीवन बितल, भेलहुँ झुरकुट बूढ़ ।
केहन हमर लाचारी - 2
नारद बिपति पड़ल बड़ भारी - 2
अपन दु:ख के बिसरए खातिर, हम पिबए छी भाङ - 2
हीरा-मोती सोना-चाँदी, पार्वती के माङ ।
भेलहुँ हम भिखारी - 2
नारद बिपति पड़ल बड़ भारी - 2
गृह कलह सँ उबि गेलहुँ, नहि भेटल कियो ओर - 2
विद्यापति के भाङ पिसइ छी, मिथिला देलक ठोर ।
कहुना समय गुजारी - 2
नारद बिपति पड़ल बड़ भारी - 2
भाङ पिसते देख सुधीरा, सभ दिन भेली आगि - 2
कनेक काज मे देरी भेलइ, क्रोध एहन देल जाड़ि ।
नुकएलहुँ बाड़ी-झाड़ी - 2
नारद बिपति पड़ल बड़ भारी - 2
आब कतऽ हम जायब कहू, नहि कतऔ पुछारी - 2
एहन विवाहक कोन प्रयोजन भले रही बह्मचारी ।
बक्शी गाबए नचारी - 2
नारद बिपति पड़ल बड़ भारी - 2
महादेव कहलनि नारद सँ, बिपति पड़ल बड़ भारी - 2
गौरी गोर गौरबे आन्हरि, हम जमुनिया कारी ।
नारद बिपति पड़ल बड़ भारी - 3
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