राधा-कृष्ण, बारिश, झूला
राधा-कृष्ण, बारिश, झूला

गीत के बोल

सखी हे साँझ भयओ नहि आयो मुरारी,
कहाँ अटकल गिरधारी ।

ढूँढ़त फिरथ मातु जशोदा,
घर-घर करथि पुछारी ।
कारण कोन नाथ नहि आयो,
कंस असुर दल भारी ।
सखी हे साँझ भयओ नहि आयो मुरारी,
कहाँ अटकल गिरधारी ।

झुण्डक झुण्ड ग्वालिन सब आयो,
पढ़त जशोदा जी के गारी ।
मटुकी मेरो फोड़ दियो है,
फाड़ दियो पट-साड़ी ।
सखी हे साँझ भयओ नहि आयो मुरारी,
कहाँ अटकल गिरधारी ।

रोबत-रोबत मोहन आयो,
नयना सँ नीर बहाइ ।
सखी हे बंशी मेरो छिन लियो है,
सब सखियन मिली मारी ।
सखी हे साँझ भयओ नहि आयो मुरारी,
कहाँ अटकल गिरधारी ।


पूरे बोल देखें

और गाने

डॉ. रानी झा

कॉपीराइट © Khamaaj Foundation
सर्वाधिकार सुरक्षित
नियम और शर्तें | गोपनीयता नीति

विकसित और डिज़ाइन किया गया
डोपसोल स्टूडियो

कॉपीराइट © Khamaaj Foundation | सर्वाधिकार सुरक्षित
नियम और शर्तें | गोपनीयता नीति

विकसित और डिज़ाइन किया गया डोपसोल स्टूडियो

कॉपीराइट © Khamaaj Foundation | सर्वाधिकार सुरक्षित
नियम और शर्तें | गोपनीयता नीति

विकसित और डिज़ाइन किया गया डोपसोल स्टूडियो

Khamaaj brand logo in brand rust orange color
Hindi
Khamaaj brand logo in brand rust orange color
Hindi