
गीत के बोल
कोने बाबा हरबा जोताओल
कोने बाबा हरबा जोताओल,
ओ जे मेथी उपजाओल,
हे ओ जे हरदी उपजाओल,
हे कोने बाबी पिसथु कसाय की,
ओ जे बरुआ ओंगारथि हे ।
फल्लाँ बाबा हरबा जोताओल,
ओ जे मेथी उपजाओल,
हे ओ जे हरदी उपजाओल,
फल्लाँ बाबी पिसथु कसाय की,
ओ जे बरुआ ओंगारथि हे
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गाने का विवरण
मुंडन संस्कार बच्चे के जन्म के बाद होने वाला एक महत्वपूर्ण अनुष्ठान है, जिसमें पहली बार उसके बाल परंपरागत रूप से कैंची से काटे जाते हैं। इस अवसर पर कई गीत गाए जाते हैं, जिनमें पितर के गीत विशेष महत्व रखते हैं, क्योंकि ये पूर्वजों को स्मरण करते हैं। इस पारंपरिक गीत में प्रश्नोत्तर के रूप में पूछा जाता है कि कौन-से दादा खेत जोतेंगे, कौन-से नाना मेथी और हल्दी बोएँगे, और कौन-सी दादी उन्हें पीसेंगी। आगे की पंक्तियों में दादा-दादी के नाम लेकर उत्तर दिया जाता है। हल्दी और मेथी का उल्लेख उस उबटन से है, जिसे बच्चे के मुंडे हुए सिर पर संक्रमण से बचाने के लिए लगाया जाता है। यह गीत मिथिला के इस विश्वास को दर्शाता है कि किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत बड़ों के आशीर्वाद से होनी चाहिए।
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