
गीत के बोल
जय शिवप्रिये शंकरप्रिये जय मंगले मंगल करू - 2
माँ अम्बिके जगदम्बिके जय चण्डिके मंगल करू ।
कराल मुख कपालनी अमोघ शक्तिशालिनी - 2
निशुम्भ-शुम्भ भेदनी त्रिशूल-चक्र धारणी,
हे कल्याणी नारायणी माँ भगवती मंगल करू ।
हे ईश्वरी परमेश्वरी सर्वेश्वरी मंगल करू ।
अनन्त शक्तिशालिनी विशाल मुण्डमालिनी - 2
असीम कष्टहारणी त्रिमुर्ति शिष्टकारणी,
हे भद्रकाली भैरवी माँ भगवती मंगल करू ।
हे वैष्णवी विश्वांभरी माँ शाम्भवी मंगल करू ।
प्रकृति अहीं स्वीकृति अहीं दया अहीं क्षमा अहीं - 2
कला अहीं श्रद्धा अहीं दया अहीं क्षमा अहीं,
दुखहारणी सुखदायणी माँ भगवती मंगल करू ।
हे ललित शक्ति-प्रदायणी माँ भगवती मंगल करू ।
जय शिवप्रिये शंकरप्रिये जय मंगले मंगल करू - 2
माँ अम्बिके जगदम्बिके जय चण्डिके मंगल करू ।
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रजनी-पल्लवी

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रजनी-पल्लवी

चलु देखु भरि नयना
रजनी-पल्लवी

अवध नगरिया सँ
रजनी-पल्लवी

गाम के अधिकारी
रजनी-पल्लवी

कातिक मास बीतल सुकराती
रजनी-पल्लवी

प्रिय पाहुन सिन्दूर दान करू
रजनी-पल्लवी

सतरंगी संसार सँ
रजनी-पल्लवी

लिख रहल छी चिट्ठी भइया
रजनी-पल्लवी
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