गीत के बोल
दुनिआसँ हारल-झमारल अयलहुँ,
जगदम्बा शरणमे नऽ ।- 2
मैया शरणमे श्यामा शरणमे - 2
दुनिआसँ हारल-झमारल अयलहुँ,
जगदम्बा शरणमे नऽ ।-2
ककरा-ककरा नहि कयलहुँ निहोरा - 2
अन्तमे मैया पकड़लौ तोरा - 2
कोरा उठा कऽ लगबिऔ ने माता,
अपन शरणमे नऽ । -2
दुनिआसँ हारल-झमारल अयलहुँ,
जगदम्बा शरणमे नऽ ।
जकरे दुआरि गेलहुँ सैह लुलुओलक - 2
जे छल अप्पन सैह फुसिओलक - 2
ककरा कहब दुख नोरे-अङोरे - 2
सदिखन कनै छी माँ ।
दुनिआसँ हारल-झमारल अयलहुँ,
जगदम्बा शरणमे माँ ।
अपने छी पैघ बड़ अहाँ महामाया,
अहाँ नइ करबै तऽ के करतै दाया । -2
अशरण शरण बुझि अयलहुँ हे जननी - 2
हमरा बसा लिअ नऽ ।
दुनिआसँ हारल-झमारल अयलहुँ,
जगदम्बा शरणमे नऽ ।
मैया शरणमे श्यामा शरणमे - 2
दुनिआसँ हारल-झमारल अयलहुँ,
जगदम्बा शरणमे नऽ । -2
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