गीत के बोल
घुमैत-फिरैत गौरी नैहर गेलहुँ तोर
घुमैत-फिरैत गौरी नैहर गेलहुँ तोर,
एहेन स्वागत कयलनि कि आँखि सँ बहए नोर ।-2
बैसैला देलक गौरी फाटल चटाइ,
हन-हन उड़ीस करै गिनो नइ सकाइ ।-2
टिन के जे लोटा देलनि बिन कोर - 2
एहेन स्वागत कयलनि कि आँखि सँ बहए नोर ।
घुमैत-फिरैत गौरी नैहर गेलहुँ तोर,
एहेन स्वागत कयलनि कि आँखि सँ बहए नोर ।
खाइ के की कहब गौरी जुन पुछू बात ये,
कुरथी के दालि देलक कोदो के भात ये ।-2
बक-बक गारा लागए हम आँखि देलहुँ निपोड़ि - 2
एहेन स्वागत कयलनि कि आँखि सँ बहए नोर ।
घुमैत-फिरैत गौरी नैहर गेलहुँ तोर,
एहेन स्वागत कयलनि कि आँखि सँ बहए नोर ।
सुतैला देलनि गौरी कोठरी अन्हारी,
ताहि मे बिछाओन कोदो के नारी ।-2
भन-भन मच्छर करै निनो नए भेल मोर - 2
एहेन स्वागत कयलनि कि आँखि सँ बहए नोर ।
घुमैत-फिरैत गौरी नैहर गेलहुँ तोर,
एहेन स्वागत कयलनि कि आँखि सँ बहए नोर ।
जनु उकटहुँ शिव कोठरी अन्हारी,
एतऽ कतऽ पाएब महल अटारी ।-2
टूटली मड़ैया पर एतबा टिपोर - 2
एहेन स्वागत कयलनि कि आँखि सँ बहए नोर ।
घुमैत-फिरैत गौरी नैहर गेलहुँ तोर,
एहेन स्वागत कयलनि कि आँखि सँ बहए नोर
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