
गीत के बोल
छोटी-मोटी नीमक गाछ बहुत पसार,
राम ताही तर बिषहरी खेले जूआ सारी - 2
जूअबा खेलैते माँ के टुटल गिरमल हार,
राम ताही लेल बिषहरी रोदना पसार - 2
जुनि कानू जुनि खिजू बिषहरी माइ,
राम आनि देब सोन गढ़ाएब गिरमल हार,
राम आनि देब सोना गढ़ाएब गिरमल हार ।
भनहि विद्यापति सुनू बिषहरी माइ,
राम सब दिन सब ठाम रहब सहाय ।
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डॉ. रानी झा

पहिल सपन देवकी देखली
डॉ. रानी झा

गीतिया मे चित्तिया
डॉ. रानी झा

कमल नयन मन मोहन रे
डॉ. रानी झा

आजु सोभा जनक मन्दिर
डॉ. रानी झा

जपत मन आनन्द
डॉ. रानी झा

जौ हम जनितहुँ
डॉ. रानी झा

साँझ भइ घर दिअरा जरी रे
डॉ. रानी झा

कोने बाबा घर साँझ
डॉ. रानी झा

सखी हे साँझ भयओ
डॉ. रानी झा

कमल नयन परदेश हे भामिनी
डॉ. रानी झा
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