


मधुश्रावणी
मधुश्रावणी
मधुश्रावणी मैथिल समुदाय की नवविवाहित महिलाओं द्वारा मनाया जाने वाला एक प्रमुख पर्व है, जिसमें वे अपने पति की कुशलता और दीर्घायु की कामना करती हैं। यह पर्व श्रावण मास (जुलाई–अगस्त) में 13 से 15 दिनों तक चलता है। प्रत्येक दिन की शुरुआत होती है फूल लोढ़ी से—यानी मौसमी फूलों का संग्रह। इन फूलों को फल, मिठाई, दूध और लावा के साथ नाग देवता, देवी गौरी और अन्य देवी-देवताओं को अर्पित किया जाता है।
पर्व का एक प्रमुख अंग है शिव-विवाह की कथा, जिसे 14 भागों में सुनाया जाता है। संध्या समय महिलाएँ आरती, सुहाग गीत और कोहबर गीत गाती हैं।
मधुश्रावणी मैथिल समुदाय की नवविवाहित महिलाओं द्वारा मनाया जाने वाला एक प्रमुख पर्व है, जिसमें वे अपने पति की कुशलता और दीर्घायु की कामना करती हैं। यह पर्व श्रावण मास (जुलाई–अगस्त) में 13 से 15 दिनों तक चलता है। प्रत्येक दिन की शुरुआत होती है फूल लोढ़ी से—यानी मौसमी फूलों का संग्रह। इन फूलों को फल, मिठाई, दूध और लावा के साथ नाग देवता, देवी गौरी और अन्य देवी-देवताओं को अर्पित किया जाता है।
पर्व का एक प्रमुख अंग है शिव-विवाह की कथा, जिसे 14 भागों में सुनाया जाता है। संध्या समय महिलाएँ आरती, सुहाग गीत और कोहबर गीत गाती हैं।
गीतों में
मधुश्रावणी

छोटी-मोटी नीमक गाछ
डॉ. रानी झा

छोटी-मोटी नीमक गाछ
डॉ. रानी झा

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डॉ. रानी झा

आओल सखि हे सर्व सोहाओन
कंचन झा

आओल सखि हे सर्व सोहाओन
कंचन झा

आओल सखि हे सर्व सोहाओन
कंचन झा

पाबनि हमहूँ पूजब
कंचन झा

पाबनि हमहूँ पूजब
कंचन झा

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कंचन झा

मोन छल पाबनि
विभा झा

मोन छल पाबनि
विभा झा

मोन छल पाबनि
विभा झा
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