
गाने का विवरण
उदय साहू धर्मराज पंथ के प्रतिष्ठित पंजियारों में से एक हैं, जो तैली समुदाय का प्रतिनिधित्व करते हैं। वे देवता नहीं, बल्कि एक मानवीय नायक के रूप में याद किए जाते हैं, जिनके जीवन में सत्य, साहस और नैतिक मूल्यों की प्रधानता दिखाई देती है। भगैत परम्परा में उदय साहू की कथा मानव-धर्म, न्याय और ईमानदारी के आदर्शों को प्रकट करती है, जिन्हें लोकगायक आज भी पूर्ण श्रद्धा से गाते हैं।










