
गाने का विवरण
अंदु एक माली थे और धर्मराज के परम भक्त भी—साधारण जीवन जीते हुए भी असाधारण भक्ति और सेवा के लिए जाने जाते थे। उनकी सरलता, करुणा और अटूट निष्ठा ने उन्हें लोक-आस्था में एक विशेष स्थान दिया। यह गाथा अंदु की उसी भक्ति-यात्रा, उनके संघर्षों, और धर्मराज से उनके दिव्य संबंध को जीवंत करती है। लोकगायक जब इसे गाते हैं, तो अंदु की विनम्रता, साहस और भक्तिभाव पूरे वातावरण में फैल जाता है।










