लोग होली खेल रहे हैं, पिचकारी, रंग
लोग होली खेल रहे हैं, पिचकारी, रंग

गीत के बोल

हो मचैयऽ होली, हो मचैयऽ होली - 2
मिथिलामे ।
मिथिलामे आइ मचैयऽ होली मिथिलामे - 2

किनका के हाथ कनक पिचकारी - 2
किनका के हाथ अबीर झोरी,
हो.. किनका के हाथ अबीर झोरी,
मिथिलामे आइ मचैयऽ होली मिथिलामे ।

रामजी के हाथ कनक पिचकारी - 2
सीता के हाथ अबीर झोरी,
हो.. सीता के हाथ अबीर झोरी मिथिलामे ।
मिथिलामे आइ मचैयऽ होली मिथिलामे ।

किनका के भिजल पीअर पीताम्बर - 2
किनका के भिजल कुसुम साड़ी,
हो.. किनका के भिजल कुसुम साड़ी मिथिलामे ।
मिथिलामे आइ मचैयऽ होली मिथिलामे ।

रामजी के भीजल पीअर पीताम्बर - 2
सीता के भीजल कुसुम साड़ी,
हो.. सीता के भीजल कुसुम साड़ी मिथिलामे ।
मिथिलामे आइ मचैयऽ होली मिथिलामे ।
हो मचैयऽ होली, हो मचैयऽ होली - 2
मिथिलामे ।
मिथिलामे आइ मचैयऽ होली मिथिलामे - 2 ।।

पूरे बोल देखें

गीत के बोल

हो मचैयऽ होली, हो मचैयऽ होली - 2
मिथिलामे ।
मिथिलामे आइ मचैयऽ होली मिथिलामे - 2

किनका के हाथ कनक पिचकारी - 2
किनका के हाथ अबीर झोरी,
हो.. किनका के हाथ अबीर झोरी,
मिथिलामे आइ मचैयऽ होली मिथिलामे ।

रामजी के हाथ कनक पिचकारी - 2
सीता के हाथ अबीर झोरी,
हो.. सीता के हाथ अबीर झोरी मिथिलामे ।
मिथिलामे आइ मचैयऽ होली मिथिलामे ।

किनका के भिजल पीअर पीताम्बर - 2
किनका के भिजल कुसुम साड़ी,
हो.. किनका के भिजल कुसुम साड़ी मिथिलामे ।
मिथिलामे आइ मचैयऽ होली मिथिलामे ।

रामजी के भीजल पीअर पीताम्बर - 2
सीता के भीजल कुसुम साड़ी,
हो.. सीता के भीजल कुसुम साड़ी मिथिलामे ।
मिथिलामे आइ मचैयऽ होली मिथिलामे ।
हो मचैयऽ होली, हो मचैयऽ होली - 2
मिथिलामे ।
मिथिलामे आइ मचैयऽ होली मिथिलामे - 2 ।।

पूरे बोल देखें

गीत के बोल

हो मचैयऽ होली, हो मचैयऽ होली - 2
मिथिलामे ।
मिथिलामे आइ मचैयऽ होली मिथिलामे - 2

किनका के हाथ कनक पिचकारी - 2
किनका के हाथ अबीर झोरी,
हो.. किनका के हाथ अबीर झोरी,
मिथिलामे आइ मचैयऽ होली मिथिलामे ।

रामजी के हाथ कनक पिचकारी - 2
सीता के हाथ अबीर झोरी,
हो.. सीता के हाथ अबीर झोरी मिथिलामे ।
मिथिलामे आइ मचैयऽ होली मिथिलामे ।

किनका के भिजल पीअर पीताम्बर - 2
किनका के भिजल कुसुम साड़ी,
हो.. किनका के भिजल कुसुम साड़ी मिथिलामे ।
मिथिलामे आइ मचैयऽ होली मिथिलामे ।

रामजी के भीजल पीअर पीताम्बर - 2
सीता के भीजल कुसुम साड़ी,
हो.. सीता के भीजल कुसुम साड़ी मिथिलामे ।
मिथिलामे आइ मचैयऽ होली मिथिलामे ।
हो मचैयऽ होली, हो मचैयऽ होली - 2
मिथिलामे ।
मिथिलामे आइ मचैयऽ होली मिथिलामे - 2 ।।

पूरे बोल देखें

गाने का विवरण

मिथिला में होली का पर्व केवल रंग–गुलाल का उत्सव नहीं, बल्कि ऋतु परिवर्तन और सामाजिक मेल–मिलाप का भी प्रतीक है। वसंत के आगमन से चारो ओर उल्लास फैल जाता है और ये फागुन गीत उस सामूहिक उमंग को स्वर देते हैं। अबीर-गुलाल से जैसे वायुमंडल रंगीन हो जाता है, वैसे ही मन और संबंध भी रसमय हो उठते हैं। जाति–पाँति, ऊँच–नीच का भेद मिटाकर ये गीत सबको एक डोर में बाँधते हैं और खेत-खलिहान से लेकर महलों तक गूंजते हैं। यह पारंपरिक फ़ाल्गुन गीत होली की मस्ती और प्रेमिल वातावरण का सजीव चित्रण करता है। बार-बार दोहराई गई पंक्ति “हो मचैयऽ होली मिथिला मे” मिथिलावासियों के उमंग और हर्षोल्लास को व्यक्त करती है। गीत सवाल जवाब के रूप में है- गीत में खेल–खेल में पूछा जाता है कि किसके हाथ में सुनहरी पिचकारी है, किसके हाथ में अबीर की झोरी, किसका पीला पीताम्बर वस्त्र और किसकी फूल जैसी साड़ी भीग गई है और जवाब में राम और सीता का नाम लिया गया है —जैसे की होली के रंग-अबीर की मधुमय बेला में स्वयं दिव्य युगल भी होली खेलने मिथिला आ पहुंचे हों ।

के और गाने

विभा झा

एक महिला खिड़की के पास प्रतीक्षा कर रही है

दरदी सजना

विभा झा

एक महिला खिड़की के पास प्रतीक्षा कर रही है

दरदी सजना

विभा झा

एक महिला खिड़की के पास प्रतीक्षा कर रही है

दरदी सजना

विभा झा

दो मोर

मुदा छन मे

विभा झा

दो मोर

मुदा छन मे

विभा झा

दो मोर

मुदा छन मे

विभा झा

मिथिला शादी

एहन सुन्दर मिथिला धाम

विभा झा

मिथिला शादी

एहन सुन्दर मिथिला धाम

विभा झा

मिथिला शादी

एहन सुन्दर मिथिला धाम

विभा झा

शिव पार्वती, मधुबनी पेंटिंग शैली

यौ नारद कतए बुझा हम कहलौं

विभा झा

शिव पार्वती, मधुबनी पेंटिंग शैली

यौ नारद कतए बुझा हम कहलौं

विभा झा

शिव पार्वती, मधुबनी पेंटिंग शैली

यौ नारद कतए बुझा हम कहलौं

विभा झा

मिथिला की महिलाएं अपनी सिर पर मिट्टी के घड़े के साथ गा रही हैं

हम छी सीता

विभा झा

मिथिला की महिलाएं अपनी सिर पर मिट्टी के घड़े के साथ गा रही हैं

हम छी सीता

विभा झा

मिथिला की महिलाएं अपनी सिर पर मिट्टी के घड़े के साथ गा रही हैं

हम छी सीता

विभा झा

शिव पार्वती, मधुबनी पेंटिंग शैली

एहि बाटे भोला गेला

विभा झा

शिव पार्वती, मधुबनी पेंटिंग शैली

एहि बाटे भोला गेला

विभा झा

शिव पार्वती, मधुबनी पेंटिंग शैली

एहि बाटे भोला गेला

विभा झा

झूले में नवजात शिशु परिवार के सदस्यों से घिरा हुआ

जखने बधइया माँगऽ

विभा झा

झूले में नवजात शिशु परिवार के सदस्यों से घिरा हुआ

जखने बधइया माँगऽ

विभा झा

झूले में नवजात शिशु परिवार के सदस्यों से घिरा हुआ

जखने बधइया माँगऽ

विभा झा

दुल्हन की विदाई, पालकी और कहार

सुतल छलीयै बाबा के भवनबा मे

विभा झा

दुल्हन की विदाई, पालकी और कहार

सुतल छलीयै बाबा के भवनबा मे

विभा झा

दुल्हन की विदाई, पालकी और कहार

सुतल छलीयै बाबा के भवनबा मे

विभा झा

राम, सीता, लक्ष्मण, वनवास

हम नइ जीयब बिनु राम

विभा झा

राम, सीता, लक्ष्मण, वनवास

हम नइ जीयब बिनु राम

विभा झा

राम, सीता, लक्ष्मण, वनवास

हम नइ जीयब बिनु राम

विभा झा

कोहबर घर, देवी की प्रतीक रूप में एक "सुपारी" रखी जाती है जो मिट्टी के हाथी के सिर पर रखा जाता है

गौरी पुजू जानकी जनक भवन मे

विभा झा

कोहबर घर, देवी की प्रतीक रूप में एक "सुपारी" रखी जाती है जो मिट्टी के हाथी के सिर पर रखा जाता है

गौरी पुजू जानकी जनक भवन मे

विभा झा

कोहबर घर, देवी की प्रतीक रूप में एक "सुपारी" रखी जाती है जो मिट्टी के हाथी के सिर पर रखा जाता है

गौरी पुजू जानकी जनक भवन मे

विभा झा

ऐसी और गाने

हो मचैयऽ होली

कॉपीराइट © Khamaaj Foundation
सर्वाधिकार सुरक्षित
नियम और शर्तें | गोपनीयता नीति

विकसित और डिज़ाइन किया गया
डोपसोल स्टूडियो

कॉपीराइट © Khamaaj Foundation | सर्वाधिकार सुरक्षित
नियम और शर्तें | गोपनीयता नीति

विकसित और डिज़ाइन किया गया डोपसोल स्टूडियो

कॉपीराइट © Khamaaj Foundation | सर्वाधिकार सुरक्षित
नियम और शर्तें | गोपनीयता नीति

विकसित और डिज़ाइन किया गया डोपसोल स्टूडियो

Khamaaj brand logo in brand rust orange color
Hindi
Khamaaj brand logo in brand rust orange color
Hindi