
गीत के बोल
हे उद्धो श्याम हमर बड़s छलिया - 2
नेह देखाय हरी जोग पठाओल,
नटबर कृष्ण कन्हैया ।
हे उद्धो श्याम हमर बड़s छलिया ।
श्याम-बरन छनि मनहुँ जे श्याम छनि,
निपठ गुआर गमइया ।
हे उद्धो श्याम हमर बड़s छलिया ।
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डॉ. रानी झा

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