एक महिला प्रार्थना कर रही है
एक महिला प्रार्थना कर रही है

गीत के बोल

दुनिआसँ हारल-झमारल अयलहुँ,
जगदम्बा शरणमे नऽ ।- 2

मैया शरणमे श्यामा शरणमे - 2
दुनिआसँ हारल-झमारल अयलहुँ,
जगदम्बा शरणमे नऽ ।-2

ककरा-ककरा नहि कयलहुँ निहोरा - 2
अन्तमे मैया पकड़लौ तोरा - 2
कोरा उठा कऽ लगबिऔ ने माता,
अपन शरणमे नऽ । -2
दुनिआसँ हारल-झमारल अयलहुँ,
जगदम्बा शरणमे नऽ ।

जकरे दुआरि गेलहुँ सैह लुलुओलक - 2
जे छल अप्पन सैह फुसिओलक - 2
ककरा कहब दुख नोरे-अङोरे - 2
सदिखन कनै छी माँ ।
दुनिआसँ हारल-झमारल अयलहुँ,
जगदम्बा शरणमे माँ ।

अपने छी पैघ बड़ अहाँ महामाया,
अहाँ नइ करबै तऽ के करतै दाया । -2
अशरण शरण बुझि अयलहुँ हे जननी - 2
हमरा बसा लिअ नऽ ।

दुनिआसँ हारल-झमारल अयलहुँ,
जगदम्बा शरणमे नऽ ।
मैया शरणमे श्यामा शरणमे - 2
दुनिआसँ हारल-झमारल अयलहुँ,
जगदम्बा शरणमे नऽ । -2

पूरे बोल देखें

गीत के बोल

दुनिआसँ हारल-झमारल अयलहुँ,
जगदम्बा शरणमे नऽ ।- 2

मैया शरणमे श्यामा शरणमे - 2
दुनिआसँ हारल-झमारल अयलहुँ,
जगदम्बा शरणमे नऽ ।-2

ककरा-ककरा नहि कयलहुँ निहोरा - 2
अन्तमे मैया पकड़लौ तोरा - 2
कोरा उठा कऽ लगबिऔ ने माता,
अपन शरणमे नऽ । -2
दुनिआसँ हारल-झमारल अयलहुँ,
जगदम्बा शरणमे नऽ ।

जकरे दुआरि गेलहुँ सैह लुलुओलक - 2
जे छल अप्पन सैह फुसिओलक - 2
ककरा कहब दुख नोरे-अङोरे - 2
सदिखन कनै छी माँ ।
दुनिआसँ हारल-झमारल अयलहुँ,
जगदम्बा शरणमे माँ ।

अपने छी पैघ बड़ अहाँ महामाया,
अहाँ नइ करबै तऽ के करतै दाया । -2
अशरण शरण बुझि अयलहुँ हे जननी - 2
हमरा बसा लिअ नऽ ।

दुनिआसँ हारल-झमारल अयलहुँ,
जगदम्बा शरणमे नऽ ।
मैया शरणमे श्यामा शरणमे - 2
दुनिआसँ हारल-झमारल अयलहुँ,
जगदम्बा शरणमे नऽ । -2

पूरे बोल देखें

गीत के बोल

दुनिआसँ हारल-झमारल अयलहुँ,
जगदम्बा शरणमे नऽ ।- 2

मैया शरणमे श्यामा शरणमे - 2
दुनिआसँ हारल-झमारल अयलहुँ,
जगदम्बा शरणमे नऽ ।-2

ककरा-ककरा नहि कयलहुँ निहोरा - 2
अन्तमे मैया पकड़लौ तोरा - 2
कोरा उठा कऽ लगबिऔ ने माता,
अपन शरणमे नऽ । -2
दुनिआसँ हारल-झमारल अयलहुँ,
जगदम्बा शरणमे नऽ ।

जकरे दुआरि गेलहुँ सैह लुलुओलक - 2
जे छल अप्पन सैह फुसिओलक - 2
ककरा कहब दुख नोरे-अङोरे - 2
सदिखन कनै छी माँ ।
दुनिआसँ हारल-झमारल अयलहुँ,
जगदम्बा शरणमे माँ ।

अपने छी पैघ बड़ अहाँ महामाया,
अहाँ नइ करबै तऽ के करतै दाया । -2
अशरण शरण बुझि अयलहुँ हे जननी - 2
हमरा बसा लिअ नऽ ।

दुनिआसँ हारल-झमारल अयलहुँ,
जगदम्बा शरणमे नऽ ।
मैया शरणमे श्यामा शरणमे - 2
दुनिआसँ हारल-झमारल अयलहुँ,
जगदम्बा शरणमे नऽ । -2

पूरे बोल देखें

के और गाने

विभा झा

एक महिला खिड़की के पास प्रतीक्षा कर रही है

दरदी सजना

विभा झा

एक महिला खिड़की के पास प्रतीक्षा कर रही है

दरदी सजना

विभा झा

एक महिला खिड़की के पास प्रतीक्षा कर रही है

दरदी सजना

विभा झा

दो मोर

मुदा छन मे

विभा झा

दो मोर

मुदा छन मे

विभा झा

दो मोर

मुदा छन मे

विभा झा

मिथिला शादी

एहन सुन्दर मिथिला धाम

विभा झा

मिथिला शादी

एहन सुन्दर मिथिला धाम

विभा झा

मिथिला शादी

एहन सुन्दर मिथिला धाम

विभा झा

शिव पार्वती, मधुबनी पेंटिंग शैली

यौ नारद कतए बुझा हम कहलौं

विभा झा

शिव पार्वती, मधुबनी पेंटिंग शैली

यौ नारद कतए बुझा हम कहलौं

विभा झा

शिव पार्वती, मधुबनी पेंटिंग शैली

यौ नारद कतए बुझा हम कहलौं

विभा झा

मिथिला की महिलाएं अपनी सिर पर मिट्टी के घड़े के साथ गा रही हैं

हम छी सीता

विभा झा

मिथिला की महिलाएं अपनी सिर पर मिट्टी के घड़े के साथ गा रही हैं

हम छी सीता

विभा झा

मिथिला की महिलाएं अपनी सिर पर मिट्टी के घड़े के साथ गा रही हैं

हम छी सीता

विभा झा

शिव पार्वती, मधुबनी पेंटिंग शैली

एहि बाटे भोला गेला

विभा झा

शिव पार्वती, मधुबनी पेंटिंग शैली

एहि बाटे भोला गेला

विभा झा

शिव पार्वती, मधुबनी पेंटिंग शैली

एहि बाटे भोला गेला

विभा झा

झूले में नवजात शिशु परिवार के सदस्यों से घिरा हुआ

जखने बधइया माँगऽ

विभा झा

झूले में नवजात शिशु परिवार के सदस्यों से घिरा हुआ

जखने बधइया माँगऽ

विभा झा

झूले में नवजात शिशु परिवार के सदस्यों से घिरा हुआ

जखने बधइया माँगऽ

विभा झा

दुल्हन की विदाई, पालकी और कहार

सुतल छलीयै बाबा के भवनबा मे

विभा झा

दुल्हन की विदाई, पालकी और कहार

सुतल छलीयै बाबा के भवनबा मे

विभा झा

दुल्हन की विदाई, पालकी और कहार

सुतल छलीयै बाबा के भवनबा मे

विभा झा

राम, सीता, लक्ष्मण, वनवास

हम नइ जीयब बिनु राम

विभा झा

राम, सीता, लक्ष्मण, वनवास

हम नइ जीयब बिनु राम

विभा झा

राम, सीता, लक्ष्मण, वनवास

हम नइ जीयब बिनु राम

विभा झा

कोहबर घर, देवी की प्रतीक रूप में एक "सुपारी" रखी जाती है जो मिट्टी के हाथी के सिर पर रखा जाता है

गौरी पुजू जानकी जनक भवन मे

विभा झा

कोहबर घर, देवी की प्रतीक रूप में एक "सुपारी" रखी जाती है जो मिट्टी के हाथी के सिर पर रखा जाता है

गौरी पुजू जानकी जनक भवन मे

विभा झा

कोहबर घर, देवी की प्रतीक रूप में एक "सुपारी" रखी जाती है जो मिट्टी के हाथी के सिर पर रखा जाता है

गौरी पुजू जानकी जनक भवन मे

विभा झा

कॉपीराइट © Khamaaj Foundation
सर्वाधिकार सुरक्षित
नियम और शर्तें | गोपनीयता नीति

विकसित और डिज़ाइन किया गया
डोपसोल स्टूडियो

कॉपीराइट © Khamaaj Foundation | सर्वाधिकार सुरक्षित
नियम और शर्तें | गोपनीयता नीति

विकसित और डिज़ाइन किया गया डोपसोल स्टूडियो

कॉपीराइट © Khamaaj Foundation | सर्वाधिकार सुरक्षित
नियम और शर्तें | गोपनीयता नीति

विकसित और डिज़ाइन किया गया डोपसोल स्टूडियो

Khamaaj brand logo in brand rust orange color
Hindi
Khamaaj brand logo in brand rust orange color
Hindi