
गीत के बोल
आयल चैत मधुर रंग पाँचम - 2
उपवन बुल बुल गावय ना
सन सन पुरवा मलय बसात - २
झन झन देह झनकावय ना -2
कुहकै कोइली कुक बबुर वन - २
चहकै छै अलि पाटलि मधुबन
फड़कै मोर मोरनि लोचन -2
फनकै कतेक मृगी पद फन-फन
भन-भन मन भनकावय ना -2
सन सन पुरवा मलय बसात - २
झन झन देह झनकावय ना -2
आयल चैत मधुर रंग पाँचम
उपवन बुल बुल गावय ना
प्रियतम हमर व्यथित ई आखर -2
नोरक सियाँही बहै झरझर
कोमल शय्या भेलै खरखर -2
सुखि देह हमर भेल बक सन पातर
कण-कण पर सिहरावय ना -2
सन सन पुरवा मलय बसात - २
झन झन देह झनकावय ना -2
आयल चैत मधुर रंग पाँचम
उपवन बुल बुल गावय ना
उपटल फागुन के रस बुन – 2
हहरल नुपुर स्वर झुन-झुन
विकल नैन भेल अधरो सुन्न -2
अछि कोन कांता मे अवगन ?
घन-घन घट सनकावय ना
सन सन पुरवा मलय बसात - २
झन झन देह झनकावय ना -2
आयल चैत मधुर रंग पाँचम
उपवन बुल बुल गावय ना
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आयल चैत मधुर रंग पाँचम
रजनी-पल्लवी

यौ गजानन गणपति
रजनी-पल्लवी

कानि कानि कहथिन सीता
रजनी-पल्लवी

चलु देखु भरि नयना
रजनी-पल्लवी

अवध नगरिया सँ
रजनी-पल्लवी

गाम के अधिकारी
रजनी-पल्लवी

कातिक मास बीतल सुकराती
रजनी-पल्लवी

प्रिय पाहुन सिन्दूर दान करू
रजनी-पल्लवी

सतरंगी संसार सँ
रजनी-पल्लवी

लिख रहल छी चिट्ठी भइया
रजनी-पल्लवी
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