
गीत के बोल
अंगना में लागल छै चंपा चमेली -2
गमकी उठलै, सिहकी उठलै
भोरे भोरे इ पुरबा
एलै बसंत कंत, घुरियो ने एलै -2
कुहुकि उठलै - 2 भोरे भोरे कोयलिया
कुहुकि उठलै भोरे भोरे कोयलिया
सावन सिनेहिया सिनेह जोड़ी गेलै
भादव अन्हरिया में नेह तोड़ी गेलै
आसिन में आस गोसाउनी के पूजब -2
खनक उठलै, खनक उठलै,
करे जोड़ के कंगनवा खनक उठलै
कर जोड़ के कंगनवा.....
कार्तिक करेजा कठोर भेलै पी के
अगहन में अन्न भरत तौले में
कन कन बसात मास पूसक सताबे -2
सिहकी उठलै, सिहकी उठलै
तन वेदन बैरनियाँ सिहकी उठलै
तन वेदन बैरनियाँ.....
माघक मास कोना रहबै गे दइया
फागुन के फगुआ में दूर निरमोहिया
चैत महीना में चंचल बदन मन -2
झमकी उठलै, दुहु पैरेक पैजनिया - 2
गमकी उठलै, सिहकी उठलै, भोरे भोरे इ पुरबा
कुहुकि उठलै भोरे भोरे कोयलिया
कुहुकि उठलै भोरे भोरे कोयलिया
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रजनी-पल्लवी

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रजनी-पल्लवी

चलु देखु भरि नयना
रजनी-पल्लवी

अवध नगरिया सँ
रजनी-पल्लवी

गाम के अधिकारी
रजनी-पल्लवी

कातिक मास बीतल सुकराती
रजनी-पल्लवी

प्रिय पाहुन सिन्दूर दान करू
रजनी-पल्लवी

सतरंगी संसार सँ
रजनी-पल्लवी

लिख रहल छी चिट्ठी भइया
रजनी-पल्लवी
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