एक शाखा पर बैठी कोयल
एक शाखा पर बैठी कोयल

अंगना में लागल छै चंपा चमेली

अंगना में लागल छै चंपा चमेली

अंगना में लागल छै चंपा चमेली

एक शाखा पर बैठी कोयल
एक शाखा पर बैठी कोयल

गीत के बोल

अंगना में लागल छै चंपा चमेली -2
गमकी उठलै, सिहकी उठलै
भोरे भोरे इ पुरबा

एलै बसंत कंत, घुरियो ने एलै -2
कुहुकि उठलै - 2 भोरे भोरे कोयलिया
कुहुकि उठलै भोरे भोरे कोयलिया

सावन सिनेहिया सिनेह जोड़ी गेलै
भादव अन्हरिया में नेह तोड़ी गेलै
आसिन में आस गोसाउनी के पूजब -2
खनक उठलै, खनक उठलै,
करे जोड़ के कंगनवा खनक उठलै
कर जोड़ के कंगनवा.....

कार्तिक करेजा कठोर भेलै पी के
अगहन में अन्‍न भरत तौले में
कन कन बसात मास पूसक सताबे -2
सिहकी उठलै, सिहकी उठलै
तन वेदन बैरनियाँ सिहकी उठलै
तन वेदन बैरनियाँ.....

माघक मास कोना रहबै गे दइया
फागुन के फगुआ में दूर निरमोहिया
चैत महीना में चंचल बदन मन -2
झमकी उठलै, दुहु पैरेक पैजनिया - 2
गमकी उठलै, सिहकी उठलै, भोरे भोरे इ पुरबा
कुहुकि उठलै भोरे भोरे कोयलिया
कुहुकि उठलै भोरे भोरे कोयलिया

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गीत के बोल

अंगना में लागल छै चंपा चमेली -2
गमकी उठलै, सिहकी उठलै
भोरे भोरे इ पुरबा

एलै बसंत कंत, घुरियो ने एलै -2
कुहुकि उठलै - 2 भोरे भोरे कोयलिया
कुहुकि उठलै भोरे भोरे कोयलिया

सावन सिनेहिया सिनेह जोड़ी गेलै
भादव अन्हरिया में नेह तोड़ी गेलै
आसिन में आस गोसाउनी के पूजब -2
खनक उठलै, खनक उठलै,
करे जोड़ के कंगनवा खनक उठलै
कर जोड़ के कंगनवा.....

कार्तिक करेजा कठोर भेलै पी के
अगहन में अन्‍न भरत तौले में
कन कन बसात मास पूसक सताबे -2
सिहकी उठलै, सिहकी उठलै
तन वेदन बैरनियाँ सिहकी उठलै
तन वेदन बैरनियाँ.....

माघक मास कोना रहबै गे दइया
फागुन के फगुआ में दूर निरमोहिया
चैत महीना में चंचल बदन मन -2
झमकी उठलै, दुहु पैरेक पैजनिया - 2
गमकी उठलै, सिहकी उठलै, भोरे भोरे इ पुरबा
कुहुकि उठलै भोरे भोरे कोयलिया
कुहुकि उठलै भोरे भोरे कोयलिया

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गीत के बोल

अंगना में लागल छै चंपा चमेली -2
गमकी उठलै, सिहकी उठलै
भोरे भोरे इ पुरबा

एलै बसंत कंत, घुरियो ने एलै -2
कुहुकि उठलै - 2 भोरे भोरे कोयलिया
कुहुकि उठलै भोरे भोरे कोयलिया

सावन सिनेहिया सिनेह जोड़ी गेलै
भादव अन्हरिया में नेह तोड़ी गेलै
आसिन में आस गोसाउनी के पूजब -2
खनक उठलै, खनक उठलै,
करे जोड़ के कंगनवा खनक उठलै
कर जोड़ के कंगनवा.....

कार्तिक करेजा कठोर भेलै पी के
अगहन में अन्‍न भरत तौले में
कन कन बसात मास पूसक सताबे -2
सिहकी उठलै, सिहकी उठलै
तन वेदन बैरनियाँ सिहकी उठलै
तन वेदन बैरनियाँ.....

माघक मास कोना रहबै गे दइया
फागुन के फगुआ में दूर निरमोहिया
चैत महीना में चंचल बदन मन -2
झमकी उठलै, दुहु पैरेक पैजनिया - 2
गमकी उठलै, सिहकी उठलै, भोरे भोरे इ पुरबा
कुहुकि उठलै भोरे भोरे कोयलिया
कुहुकि उठलै भोरे भोरे कोयलिया

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के और गाने

रजनी-पल्लवी

आकाश में पक्षी, बादल, जल निकाय, पुराना पेड़, अंकुरित पौधे - जीवन चरणों के प्रतीक

ओढ़नी में लागल दाग

रजनी-पल्लवी

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ओढ़नी में लागल दाग

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गोल मोल सन चान गगन में

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कृष्ण पेड़ के नीचे बांसुरी बजा रहे हैं

नन्दक नन्दन कदम्बक तरु तर

रजनी-पल्लवी

कृष्ण पेड़ के नीचे बांसुरी बजा रहे हैं

नन्दक नन्दन कदम्बक तरु तर

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कृष्ण पेड़ के नीचे बांसुरी बजा रहे हैं

नन्दक नन्दन कदम्बक तरु तर

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फूलों की जीवंत मधुबनी पेंटिंग

हथवा के लेलौं हम

रजनी-पल्लवी

फूलों की जीवंत मधुबनी पेंटिंग

हथवा के लेलौं हम

रजनी-पल्लवी

फूलों की जीवंत मधुबनी पेंटिंग

हथवा के लेलौं हम

रजनी-पल्लवी

बारिश, मोर, सुनसान मूड, मधुबनी पेंटिंग

हमर दुखक नहि ओर

रजनी-पल्लवी

बारिश, मोर, सुनसान मूड, मधुबनी पेंटिंग

हमर दुखक नहि ओर

रजनी-पल्लवी

बारिश, मोर, सुनसान मूड, मधुबनी पेंटिंग

हमर दुखक नहि ओर

रजनी-पल्लवी

महिला नया जन्मे बच्चे के पालने के चारों ओर इकट्ठा होकर और ढोल मजीरा के साथ गा रही हैं

हर्षित मिथिलाक राजन जन जन हर्षित रे

रजनी-पल्लवी

महिला नया जन्मे बच्चे के पालने के चारों ओर इकट्ठा होकर और ढोल मजीरा के साथ गा रही हैं

हर्षित मिथिलाक राजन जन जन हर्षित रे

रजनी-पल्लवी

महिला नया जन्मे बच्चे के पालने के चारों ओर इकट्ठा होकर और ढोल मजीरा के साथ गा रही हैं

हर्षित मिथिलाक राजन जन जन हर्षित रे

रजनी-पल्लवी

एक शाखा पर बैठी कोयल

अंगना में लागल छै चंपा चमेली

रजनी-पल्लवी

एक शाखा पर बैठी कोयल

अंगना में लागल छै चंपा चमेली

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शिव, मधुबनी पेंटिंग शैली

छोटी-मोटी टुटली मड़ैआ

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