दो लड़ाई करने वाली पार्टियाँ, हाथी, हथियार
दो लड़ाई करने वाली पार्टियाँ, हाथी, हथियार

गीत के बोल

आऽऽऽआ ऽऽऽऽ
गै छोटी मोटी कुइयाँमा बौकी पताल खिरै पनियाँ लहर मारे गै बौकी लहर मारे गे।
गै छोटी मोटी कुइमाँमा बौकी पताल खिरै पनियाँ लहर मारे गै बौकी लहर मारे गे।

बौकी गै पनियों भरेत भेलै मिनसरबा आब कथी लय बनौलय गै
गै साँझ हे चललै बौकी पनियाँ भरैलय जमुना के नदिया के तट पर कुइमाँ पताल खिरै पनियाँ।

आब ओहीलय बौकी मारैय ओंगहरनियाँ ओही लय बौकी ठुनकैय
आब कथी से भरब से पनियाँ।

आब अंचड़ा फाड़ि-फाड़ि उगहन बनौलय
बौकी गै अंचड़ा फाड़ि-फाड़ि उगहन बनौलय बौकी गै रसे-रसे भरैय पनियाँ
पकबा इनारबा पर गै।

साँझ हे पठौलय है बौकी तोरा पाँचो नाथ अघोरिया
हमरा जल फल पनियाँ भरि लाबि दे गै।

कखनी पठोलियौ तोरा हमरा पाँचोनाथ भैया अघोरिया
आब कनैते-खीझैते लेलही बौकी बहिनियाँ पाँचोनाथ भइया
आब बेंत लेने मारैय छै सोटा आब।

आब सटका जे मारलकै जे बौकी
पटकि देल चिरैकि बैइलिया
छहोछीत भये गेलै पनियाँ
आब छीटका जे पड़ि गेलै, बौकी लहाय गेलै
भींगी गेलै चुनरी पटोर।
ओही लय बौकी रोदना पसारले
आब करूनमा करै छइ हे॥
बौकी करूनमा करै छइ हे॥

पूरे बोल देखें

गाने का विवरण

अतीत में, जब वर्चस्व, संपत्ति और मवेशियों को लेकर संघर्ष होते थे, तब योद्धा युद्ध पर निकलने से पहले अपने अस्त्र–शस्त्र की पूजा करते थे। ये शस्त्र शस्त्रागार में रखे जाते थे, और वहीं एक देवी का स्वरूप भी कल्पित किया गया था। ऐसे ही युद्धों में बौकी, जिसने साहस के साथ योद्धाओं का साथ दिया, लोक-आस्था में देवी के रूप में प्रतिष्ठित हुईं। यह गीत बौकी देवी की आराधना को प्रस्तुत करता है—एक ऐसी स्त्री-शक्ति के रूप में, जिसने संघर्ष में साहस, सहयोग और संरक्षण का अद्भुत रूप दिखाया।

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