


व्रत और त्योहार के अन्य गीत
व्रत और त्योहार के अन्य गीत
मिथिला का सांस्कृतिक पंचांग अनेक त्योहारों से सुशोभित है, जो इसकी समृद्ध आध्यात्मिक विरासत को दर्शाते हैं। दुर्गा पूजा और सरस्वती पूजा मिथिला में बड़े धूमधाम से मनाए जाते हैं। बटसावित्री नवविवाहित महिलाएं मनाती हैं जो कि सत्यवान-सावित्री की कथा पर आधारित है। जुर शीतल में लोग मिट्टी से खेलते हैं और एक दिन पहले से तैयार शीतल बड़ी-भात खाते हैं। अन्य महत्वपूर्ण उत्सवों में चौरचन, जितिया, देवोत्थान एकादशी सहित कई व्रत और त्योहार शामिल हैं।
मिथिला का सांस्कृतिक पंचांग अनेक त्योहारों से सुशोभित है, जो इसकी समृद्ध आध्यात्मिक विरासत को दर्शाते हैं। दुर्गा पूजा और सरस्वती पूजा मिथिला में बड़े धूमधाम से मनाए जाते हैं। बटसावित्री नवविवाहित महिलाएं मनाती हैं जो कि सत्यवान-सावित्री की कथा पर आधारित है। जुर शीतल में लोग मिट्टी से खेलते हैं और एक दिन पहले से तैयार शीतल बड़ी-भात खाते हैं। अन्य महत्वपूर्ण उत्सवों में चौरचन, जितिया, देवोत्थान एकादशी सहित कई व्रत और त्योहार शामिल हैं।
गीतों में
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