


लगनी
लगनी
लगनी मिथिला की महिलाओं द्वारा चक्की (जांत) पीसते समय गाए जाने वाले गीत हैं जो श्रम को संगीत द्वारा थोड़ा आसान कर देते हैं। ये गीत नारी जीवन की विविध परिस्थितियों - परदेशी पति की याद, विरह व्यथा, सास-बहू के संबंध, और दैनिक संघर्षों को गहरी संवेदना के साथ अभिव्यक्त करते हैं। एकल या समूह में गाए जाने वाले ये गीत पारस्परिक सहयोग की भावना से ओतप्रोत होते हैं और महिलाओं की अंतरतम इच्छाओं को स्वर देते हैं।
लगनी मिथिला की महिलाओं द्वारा चक्की (जांत) पीसते समय गाए जाने वाले गीत हैं जो श्रम को संगीत द्वारा थोड़ा आसान कर देते हैं। ये गीत नारी जीवन की विविध परिस्थितियों - परदेशी पति की याद, विरह व्यथा, सास-बहू के संबंध, और दैनिक संघर्षों को गहरी संवेदना के साथ अभिव्यक्त करते हैं। एकल या समूह में गाए जाने वाले ये गीत पारस्परिक सहयोग की भावना से ओतप्रोत होते हैं और महिलाओं की अंतरतम इच्छाओं को स्वर देते हैं।
गीतों में
लगनी
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