


झूमर मिथिला का सामूहिक आनंद गीत है जो विवाह और उत्सव के अवसरों पर गाया जाता है। भाव और स्वर के सामंजस्य से यह सबको भाता है। झूमर के दो रूप हैं - संदेशात्मक (जिसमें भौंरे, कौवे, कोयल द्वारा विरहिणी का संदेश दूर बसे प्रियतम तक पहुंचाया जाता है) और भावात्मक (जो हृदय की गहराइयों को स्वर देता है)। श्रृंगार रस से सजे ये गीत प्रेम के मोहक चित्रण के साथ अपनी मधुर लय से मन मोह लेते हैं।
झूमर मिथिला का सामूहिक आनंद गीत है जो विवाह और उत्सव के अवसरों पर गाया जाता है। भाव और स्वर के सामंजस्य से यह सबको भाता है। झूमर के दो रूप हैं - संदेशात्मक (जिसमें भौंरे, कौवे, कोयल द्वारा विरहिणी का संदेश दूर बसे प्रियतम तक पहुंचाया जाता है) और भावात्मक (जो हृदय की गहराइयों को स्वर देता है)। श्रृंगार रस से सजे ये गीत प्रेम के मोहक चित्रण के साथ अपनी मधुर लय से मन मोह लेते हैं।
गीतों में
झूमर
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