


छौमासा गीत छह महीनों का भावपूर्ण वर्णन प्रस्तुत करते हैं और बारहमासा परंपरा की एक शाखा माने जाते हैं। इन गीतों में वियोग — विरह की वेदना और मिलन की आकांक्षा — की गहरी भावभूमि झलकती है।
अधिकांश छौमासा गीत कृष्ण और गोपिकाओं की कथाओं से जुड़े हैं, फिर भी वे नायिका की गहन भावनाएँ व्यक्त करते हैं — उसका प्रेम, पीड़ा और पुनर्मिलन की तीव्र अभिलाषा। अनेक गीत आषाढ़ से प्रारंभ होते हैं, किंतु कुछ चैत्र, वैशाख, सावन या अगहन से भी। प्रत्येक महीने की छवियाँ हृदय की बदलती भावनाओं का प्रतिबिंब बन जाती हैं।
छौमासा गीत छह महीनों का भावपूर्ण वर्णन प्रस्तुत करते हैं और बारहमासा परंपरा की एक शाखा माने जाते हैं। इन गीतों में वियोग — विरह की वेदना और मिलन की आकांक्षा — की गहरी भावभूमि झलकती है।
अधिकांश छौमासा गीत कृष्ण और गोपिकाओं की कथाओं से जुड़े हैं, फिर भी वे नायिका की गहन भावनाएँ व्यक्त करते हैं — उसका प्रेम, पीड़ा और पुनर्मिलन की तीव्र अभिलाषा। अनेक गीत आषाढ़ से प्रारंभ होते हैं, किंतु कुछ चैत्र, वैशाख, सावन या अगहन से भी। प्रत्येक महीने की छवियाँ हृदय की बदलती भावनाओं का प्रतिबिंब बन जाती हैं।
गीतों में
छौमासा
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